देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में तेज बारिश के अल्र्ट मिलते ही राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अल्र्ट हो गये और उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव को तत्काल आदेश किये कि वह सभी जिलों की समीक्षा कर वहां के अफसरों को अल्र्ट मोड पर रहने के आदेश दें इसके साथ ही चार धाम की चल रही यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के मौजूद होने के कारण मुख्यमंत्री ने उनकी सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल केदारनाथ की यात्रा पर बारिश के अल्र्ट को देखते हुए 24 से 48 घंटे के लिए रोक लगाई है। हालांकि मौजूदा समय में केदारनाथ धाम में सोलह हजार यात्री मौजूद हैं और शेष यात्रियों को रास्तें में ही रोक दिया है इसी के चलते सभी होटल, धर्मशाला व पार्किंग फुल हो गई हैं जिसको लेकर मुख्यमंत्री पल-पल हर चीज पर बारिकी से नजर रखे हुए हैं।
इस अवसर पर नवनीत सिंह के आदेशानुसार राज्य के विभिन्न जनपदों मे व्यवस्थापित एसडीआरएफ की सभी टीमें अलर्ट अवस्था में रखा गया है। सभी टीमों को निर्देशित किया गया है कि वे किसी भी आपात परिस्थिति केलिए पूर्णत: अलर्ट रहे व रेस्क्यू उपकरणों को भी कार्यशील दशा में रखें। उन्होंने कहा कि देहरादून के सहस्त्रधारा, चकराता, टिहरी के ढालवाला (ऋषिकेश), कोटि कॉलोनी, ब्यासी (कौडिय़ाला), उत्तरकाशी के उजेली, भटवाड़ी, गंगोत्री, बड़कोट,जानकीचट्टीध् यमुनोत्री, पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर, कोटद्वार, सतपुली, चमोली के गौचर, जोशीमठ, पांडुकेश्वर,श्रीबद्रीनाथ, रुद्रप्रयाग, सोनप्रयाग, अगस्तमुनि,लिनचोली, श्रीकेदारनाथ, पिथौरागढ़ के पिथौरागढ़,धारचूला, अस्कोट, बागेश्वर, कपकोट, नैनीताल, नैनी झील, खैरना, अल्मोड़ा सरियापानी, ऊधमसिंहनगर, रुद्रपुर में अतिवृष्टि से बाढ़, भूस्खलन, आकाशीय बिजली गिरना,बादल फटना इत्यादि घटनाये होती रहती हैं जिससे जान माल की हानि का भय बना रहता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा के दौरान जान माल की हानि के न्यूनीकरण एवं तत्काल प्रतिवादन हेतु एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम पूर्व से ही संवेदनशील स्थानों पर व्यवस्थापित है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अलर्ट के बाद तत्काल ही कमाण्डेन्ट एसडीआरएफ नवनीत सिंह के आदेशानुसार राज्य भर में एसडीआरएफ रेस्क्यू टीमों को किसी भी आपात स्तिथि में तत्काल प्रतिवादन हेतु अलर्ट कर दिया गया है साथ ही एसडीआरएफ कंट्रोल रूम को भी अलर्ट पर रखा गया है व निर्देशित किया है कि सूचनाओं के आदान प्रदान तत्काल किया जाए जिससे किसी भी घटनास्थल पर समय से पहुँच कर रेस्क्यू कार्य सुचारू किया जाए।
