प्रमुख संवाददाता
देहरादून। रूडकी के पत्रकारों को शैक्षिक योग्यता को लेकर कुंवर प्रणव चैम्पियन ने जब धमकाया तो उसके बाद राज्य के पत्रकारों में बडी नाराजगी देखने को मिल रही है और उन्होंने साफ कहा है कि पत्रकारों का काम सवाल पूछना है इस पर विधायक क्यों उन्हें अपनी ताकत का एहसास करा रहे हैं। वहीं समाजसेवी व समाचार प्लस चैनल के सीईओ उमेश कुमार ने कुंवर प्रणव चैम्पियन को ललकारा है कि पत्रकार कोई छोटा-बडा नहीं होता भले ही संस्थान छोटे-बडे हो सकते हैं इसलिए वह पत्रकारों को धमकाना बंद करें और यहां तक ललकारा कि उन्होंने जिस तरह से उत्तराखण्ड को लेकर अपने शब्दों से उसे अपमानित किया था वह राज्य की जनता कभी नहीं भूल सकती इसलिए वह अपनी ताकत का प्रदर्शन पत्रकारों के साथ न करें और अगर उन्हें अपनी ताकत दिखानी है तो उन्हें दिखाकर देखे। उमेश कुमार की इस यलगार से सोशल मीडिया पर कुंवर प्रणव चैम्पियन के खिलाफ बडी नाराजगी देखने को मिल रही है और यह सवाल खडा हो रहा है कि आखिरकार बार-बार चैम्पियन पत्रकारों को क्यों अपनी विधायकी का रौब गालिब करते रहते हैं? उमेश कुमार ने चैम्पियन की शैक्षिक योग्यता, उनकी लंढौरा विरासत, उनके द्वारा खेल में भारत का प्रतिनिधित्व करने उनके सरकारी औहदे को लेकर जिस तरह से सवाल दागे हैं अब देखना होगा कि क्या चैम्पियन इसका जवाब देने के लिए आगे आ पायेंगे?
उल्लेखनीय है कि बीते रोज खानपुर से बीजेपी विधायक कुंवर प्रणव चैॅिम्पयन से जब कुछ पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछे तो वह एक पत्रकार पर भडक गये और वह पत्रकार को उसकी शैक्षिक योगिता पूछने लगे और यहां तक बखान करना शुरू कर दिया कि वह चार भाषायें जानते हैं और यहां तक ललकार दिया कि वह उनसे पहलवानी भी नहीं कर सकता। चैम्पियन के इस व्यवहार से पत्रकारों में बडी नाराजगी दिखी और चैम्पियन के इस व्यवहार को लेकर समाजसेवी व समाचार प्लस चैनल के सीईओ उमेश कुमार ने कुवर प्रणव चैम्पियन को सोशल मीडिया पर ललकारा और कहा कि उत्तराखण्ड को गाली देने वाले और पत्रकारों को अपनी धमक दिखाने वाले लंढौरा रियासत के कुंवर प्रणव चैम्पियन जो कहते हैं कि वह अन्तर्राष्ट्रीय खिलाडी रहे हैं और उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था यह प्रतिनिधित्व उन्होंने कब किया था यह उन्हें नहीं पता और यह भी कहा कि लंढौरा रियासत कब थी यह उन्हें आज तक नहीं पता जिसकी वह खोजबीन कर रहे हैं। उमेश कुमार ने कहा कि चैम्पियन ने उत्तराखण्ड को एक बडी गाली दी थी जिसे वह बोल भी नहीं सकते। उमेश ने कहा कि उत्तराखण्ड शहीदों की शहादत से बना हुआ राज्य है उत्तराखण्ड के लिए 42 आन्दोलनकारियों ने अपनी शहादत दी थी। मां बहनों ने रामपुर तिराहे पर अत्याचार सहा था। मसूरी में आन्दोलनकारियों ने अपनी छाती पर गोली खाई थी। यह उत्तराखण्ड भीख में मिला हुआ राज्य नहीं है यह शहीदों की शहादत पर बना हुआ राज्य है इस राज्य को गाली देना उत्तराखण्ड के शहीदों को गाली देना है हम उत्तराखण्डी उस गाली को नहीं भूले हैं। उमेश कुमार ने कहा कि कुंवर प्रणव चैम्पियन ने चुनाव आयोग में जो शपथ-पत्र दाखिल किया था उसके अनुसार उनकी शैक्षिक योग्यता बीएससी मेरठ से है जो चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से है। उन्होंने ललकारा कि इसमें लिखा नहीं है कि डिग्री ऑफ ‘ऑक्सफोडÓ या डिग्री ऑफ ‘लंदन स्कूल जर्नालिजमÓ। उन्होंने कुंवर प्रणव चैम्पियन को चुनौती दी कि उन्होने जिस तरह से एक भाजपा विधायक के साथ हुई बातचीत को किसी के द्वारा रिकार्ड कर उसे उजागर करने की बात कही है वह सरासर गलत है और चुनौती देते हैं कि यह बात उन्होंने खुद रिकार्ड की थी और वह यह दिखाना चाहते थे कि वह कितने बडे बाहुबली विधायक हैं।
उमेश कुमार ने कई मुद्दों पर कुंवर प्रणव चैम्पियन को खुलकर ललकारा तो उससे उत्तराखण्ड की राजनीति में एकाएक नया भूचाल पैदा हो गया। कुंवर प्रणव चैम्पियन के इस बोल की गंूज सोशल मीडिया पर खूब सुनाई दे रही है और यह बात उठ रही है कि आखिरकार कुंवर प्रणव चैम्पियन बार-बार पत्रकारों को धमकाकर यह साबित करने की कोशिश करते हैं कि वह राज्य में कितने ताकतवर विधायक हैं?
