भ्रष्टाचार के रावण को जलाएंगे धामी

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उत्तराखण्ड में कभी चरम पर रहे भ्रष्टाचार भाजपा सरकार आने के बाद कम तो हुआ लेकिन अब युवा तेजतर्रार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की 3 माह की सरकार में नेस्तनाबूद होने पर है। दशहरा के मौके पर मुख्यमंत्री धामी का संकल्प की उत्तराखण्ड पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त होगा। धामी का कहना है जिन विभागों में अभी कुछ गलतफहमियां हैं वे दूर कर लें नही तो कड़ी कार्यवाही भुगतने को तैयार रहे। जब से उत्तराखंड बना है तभी सचिवालय से लेकर कुछ प्रमुख क्षेत्रों में ऐसे अधिकारियों की दबंगई है कि वो अपने पसंदीदा चेलों को ही जिलों व ब्लॉक तक तैनाती कराते हैं जिनके कारण भ्रष्टाचार की ऐसी कड़ी बनी है को टूटने का नाम ही नही लेती है। लेकिन अब सचिवालय से लेकर नीचे स्तर तक के सभी कारनामों से वाकिफ प्रदेश का मुखिया बना है जो भ्रष्टाचार की जड़ एक पहुंचने में कामयाब रहा है। लंबे समय से जमे इन भ्रष्टाचारियों के विभागों में धड़ाधड़ बदलाव व इनकी जवाबदेही तय करने के फैसले से धामी की जमकर वाहवाही हो रही है। धामी ने अपनी एक खास टीम को सभी जगह तैनात कर दी है जो इन पर लगाम लगाने व इन पर तीसरी आंख की तरह निगाह रखने का काम करेगी। जो लोग धामी पर दबाव की राजनीति कर भ्रष्टाचार को शरण देने में लगे हैं उनका भी इलाज धामी ने खोज लिया है। हाल में हरिद्वार में छात्रवृत्ति घोटाले में हुई गिरफ्तारी इसी का परिणाम भी है। वही सचिवालय हो या जिले व ब्लॉक केंद्र अभी पर फाइलों पर तुरन्त निस्तारण,सिंगल विंडो व बेस्ट परफॉर्मेशन जैसे नियमों को लेकर भी धामी सतर्क हैं। वो अपने अधीनस्थों को नियंत्रित करने में कामयाब हो गए हैं। वो बता चुके हैं कि भ्रष्टाचार की एक भी शिकायत को बख्शा नही जाएगा और अच्छे काम पर पूरा सम्मान भी दिया जाएगा। जो लोग नही बदलना चाहते तो वे अपने तबादला दूसरे प्रदेश में करवा लें। उत्तराखण्ड में धामी सरकार के रहते यह अब पॉसिबल नही है। सकारात्मक रवैये से ही चलना होगा तभी प्रदेश आगे बढ़ेगा। धामी का भगवान श्रीराम जैसा संकल्प, भ्रष्टाचार के रावण को जला कर ही मानेगा और सीता रूपी राज्य की जनता को इन भ्रष्टाचार के रावण से मुक्त कराएगा।

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