देहरादून(संवाददाता)। टीम मैं हूं सेवादार संगठन के सेवादार संदीप गुप्ता ने कहा है कि भोजन का कण भर जीवन का क्षण भर है और इसे किसी भी दशा में भोजन को बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मिलकर उम्मीदों का चूल्हा जलाये जाने की आवश्यकता है और इसके लिए सभी ाको आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक लड़ाई भूख से लडऩे के लिए जरूरी है।
यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि कितनी आसान बात है कि बचे हुए खाने को कूडेदान के हवाले कर देना और शादी, पार्टियों में एक से बढकर एक आईटम थाली में समेट लेना और फिर आधा खाना भी खत्म किये बिना उसे छोड़ देता है और सोचा जाये तो चिंतन के लिए इससे बड़ा कोई विषय हो ही नहीं सकता है क्योंकि हम उस देश के वासी है जहां अन्न को देवता माना जाता है। उन्होंने कहा कि साल में जितना अन्न पैदा करते है उसका करीब 4० प्रतिशत हम किसी न किसी रूप में बर्बाद कर देते है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इंगर इंडेक्स में शामिल 88 देशों में हमारा स्थान 63वां है और भारत अगर भूखमरी से .त्रस्त है तो अपने लापरवाह देशवासियों की वजह से है और आज भारत में इतना खाना फैका जा रहा है कि जितना अंग्रेज सरजमीं के लोग एक दिन में खाते है। उन्होंने कहा कि राजधानी में ढाई सौं परिवारों में पांच किलो के दो डिब्बे लोगों के घरों में दिये गये है और हर रोज एक मुठठी चावल व दाल वह जमा करते है और दो माह में वह भर जाता है और इस चावल व दाल को सड़कों पर सोने वाले लोग, कूडा बिनने वालों, सड़क पर खडे होकर काम करते हुए नाई व मोची के परिवारों के साथ ही घरों में काम करने वाली महिला जो काम करने में अक्षम हो गई है को दिया जाता है और जिससे उनके परिवारों को भोजन उपलब्ध होता है। उन्होंने कहा कि इस मुहिम से कई लोग जुड़ गये है और 2०6 में इस संगठन की स्थापना की गई थी और तब से लेकर अब तक यह कार्य कर रहा है और ताकि कोई व्यक्ति भूखा न सोये। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि वसुधैव कुटुम्बकम के सपने को साकार करना है और वह इस दिशा में काफी सफल भी हुए है। इस अवसर पर वार्ता में विनोद गौड सहित अनेकों सेवादार शामिल रहे।
