देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी, शिक्षक समन्वय समिति ने पदोन्नति दिये जाने सहित अपनी 18 सूत्रीय मांगों के समाधान के लिए राजधानी में महारैली निकालकर सचिवालय कूच किया जहां पर पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया ओर इस बीच सभी वहीं धरने पर बैठ गये।
यहां समिति से जुडे हुए अधिकारी, कर्मचारी व शिक्षक बड़ी संख्या में परेड ग्राउंड में इकटठा हुए ओर वहां से अपनी मांगों के समाधान के लिए महारैली निकालकर सचिवालय कूच किया जहां पर पुलिस ने सुभाष रोड पर बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया ओर इस बीच नोंकझोंक व धक्का मुक्की के बाद सभी वहीं धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर सचिव संयोजक शांति प्रसाद भटअ ने कहा कि प्रदेश क समस्त राज्य कार्मिकों मिनिस्टीरियल संवर्ग एवं वैयाक्तिक सहायक संवर्ग सहित शिक्षकों, निगम, निकाय, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय पुलिस कार्मिकों को पूर्व की भांति 1०ख् 16, 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्न्ति न होने की दशा में पदोन्नति वेतनमान अनुमन्य किया जाना चाहिए लेकिन अभी तक इस अओर ध्यान नहीं दिया गया है और गोल्डन कार्ड की विसंगतियों कको दूर किया जाना चाहिए और सेवानिवृत्त कार्मिकों से निर्धारित धनराशि में पचास प्रतिशत की कटौती कम की जाये। पदोन्नति हेतु पात्रता अवधि में पूर्व की भांति शिथलीकरण ही व्यवस्था बहाल की जाये ओर प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू किया जाये। उन्होंने कहा कि मिनिस्टीरियल संवर्ग में कनिष्ठ सहायक के पद पर इंटर के स्थान पर स्नातक किया जाये और एक वर्षीय कम्प्यूटर ज्ञान अनिवार्य किया और वेतन में भी बढोत्तरी की जाये। उन्होंने कहा कि उनकी 18 सूत्रीय मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जायेगा। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को स्ंबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
