देहरादून(नगर संवाददाता)। उत्तराखंड में सरकारी भर्तियों की सुस्त रफ्तार से नाराज युवाओं ने विभिन्न विभागों में रिक्त पड़ी भर्तियों को शीघ्र ही भरे जाने की मांग को लेकर बेरोजगारों का जन सैलाब सड़कों पर एक बार फिर उतरा है और उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी के बीच महारैली निकालकर सचिवालय कूच किया, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर सभी को रोक लिया। इस बीच पुलिस एवं बेरोजगारों के बीच तीखी झड़प होने के बाद सभी वहीं धरने पर बैठ गए।
यहां उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में प्रदेश भर से आए हुए बेरोजगार परेड ग्राउंड में इकटठा हुए और वहां से अपनी 17 सूत्रीय मांगों के समाधान के लिए नारेबाजी करते हुए सचिवालय कूच किया, पुलिस के रोकने के बाद सभी वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा है कि यह बड़ी विडंबना है कि जब भी संघ सड़कों पर उतरने का ऐलान करता है तो सरकार आंदोलन को कुचलने का प्रयास करती है, जिसे बेरोजगार कभी सफल नहीं होने देता है। उन्होंने कहा कि सरकार से केवल बेरोजगारों की ताकत ही लडऩे में सक्षम है और लगातार बेरोजगार अपनी आवाज को बुलंद करते हुए आ रहे लेकिन सरकार की ओर से लगातार कोरे आश्वासन मिल रहे है जिसका पुरजोर तरीके से विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब आर पार का आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो विधानसभा चुनाव में इसका करारा जवाब दिया जाएगा।
उनका कहना है कि लंबे समय से कई विभागों में भर्तियां अटकी पड़ी हैं, कई के रिजल्ट पेंडिंग हैं और कई विभागों में प्रभारी व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रमुख मांगों में वर्दीधारी विभागों, पुलिस सिपाही, फॉरेस्ट गार्ड, बंदी रक्षक, सचिवालय रक्षक और आबकारी विभाग में तत्काल भर्ती विज्ञप्ति जारी करने की मांग की है। संघ के उपाध्यक्ष सुरेश सिंह ने कहा है कि इसके साथ ही दारोगा भर्ती, जेई, एई भर्ती और पटवारी-लेखपाल री-एग्जाम का रिजल्ट जल्द जारी करने की मांग तेज हो गई है।शिक्षा विभाग से जुड़ी मांगों में हाईकोर्ट के आदेश पर चयनित एलटी अभ्यर्थियों को तत्काल जॉइनिंग, प्रवक्ता, एलटी और प्राथमिक शिक्षक की नई भर्ती जारी करने की मांग शामिल है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा शहरी विकास निदेशालय में ईओ के रिक्त पदों पर भर्ती और प्रभारी प्रथा खत्म करने, यूकेपीएससी और यूकेएसएसएससी में लंबित सभी परिणाम जारी करने और आयोगों के माध्यम से जारी भर्ती कैलेंडर का सख्ती से पालन करने की मांग की गई है। अरविंद सिंह ने बताया कि सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा सहित विभिन्न विभागों में प्रतिरूप सहायक, अमीन, लैब असिस्टेंट, लाइब्रेरियन, आईआईटी अनुदेशक के 859 पदों और पॉलिटेक्निक लेक्चरर के पदों पर भी जल्द विज्ञप्ति जारी करने की मांग पत्र में शामिल है।
उन्होंने कहा है कि अगर सरकार ने समय रहते मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आर पार का आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर मनीष कुमार ने कहा कि उन्होंने कहा कि महारैली के रूप में सरकार को जगाने का काम किया गया है और जब तक मांगों का समाधान नहीं होता है तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार बेरोजगारों के हितों के लिए गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि आयोग भी लगातार उदासीनता बरत रहा है और समय पर भर्ती प्रक्रियाओं को शुरू करने में आनाकानी करता आ रहा है जिसे किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर प्रदेश भर से आए हुए बेरोजगार महारैली में शामिल रहे।


/>



/>