राजधानी में धामी के कडे़ तेवर

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जनता की शिकायतें फाइलों में दबाना नहीं चलेगा
सीएम की अधिकारियों को खुलकर खरी-खरी
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। सरकारी दफ्तरों में आम जनता की भागदौड़, शिकायतों के निस्तारण में देरी और छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनका निर्धारित समय में समाधान करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसी जरूरतमंद को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए।
आज देहरादून के तपोवन रोड स्थित क्षत्रिय चेतना मंच में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की शिकायतों का समाधान महज औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई हो और जहां समाधान में समय लगना आवश्यक हो, वहां संबंधित व्यक्ति को इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शासन और प्रशासन का मूल उद्देश्य जनता की सेवा करना है। यदि किसी व्यक्ति को अपने जायज काम के लिए बार-बार सरकारी कार्यालय जाना पड़ता है तो ऐसी स्थिति को दूर करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बहुउद्देशीय शिविरों का उद्देश्य केवल विभागीय स्टॉल लगाना या योजनाओं की जानकारी देना नहीं है। इन शिविरों का वास्तविक उद्देश्य जनता की समस्याओं को सुनना, मौके पर आवश्यक कार्रवाई करना और लोगों को राहत पहुंचाना है। मुख्यमंत्री के निर्देशों का स्पष्ट संदेश था कि सरकारी व्यवस्था का केंद्र आम नागरिक होना चाहिए। प्रशासन को ऐसी कार्यप्रणाली विकसित करनी होगी जिसमें जरूरतमंद व्यक्ति को अपने काम के लिए अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इन अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने जनसमस्याओं के समयबद्ध निस्तारण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता को शासन-प्रशासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सरलता से मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि प्रमाणपत्र, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए लोगों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं है, उनमें शिकायतकर्ता को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि उसके मामले में क्या स्थिति है और समाधान के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही है। यह निर्देश प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अक्सर जनसमस्याओं के समाधान में देरी होने पर शिकायतकर्ता को अपने आवेदन की स्थिति जानने के लिए भी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने इसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी समाप्त करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जनसेवा के कार्य में संवेदनशीलता आवश्यक है। अधिकारियों और कर्मचारियों को यह समझना होगा कि सरकारी कार्यालयों में पहुंचने वाला प्रत्येक व्यक्ति किसी उम्मीद के साथ आता है। उसकी समस्या को गंभीरता से लेना प्रशासन का दायित्व है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से पूर्व में संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की। इस अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया और पात्र नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। कोई भी पात्र नागरिक जानकारी के अभाव या जटिल सरकारी प्रक्रियाओं के कारण योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंचे, उसकी समस्याएं समझे और समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को कृषि यंत्र, मशरूम मिनीकिट तथा बाल विकास विभाग की महालक्ष्मी एवं किशोरी किट वितरित कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के शिविरों से नागरिकों को एक ही स्थान पर कई विभागों की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी मिलती है। इससे लोगों का समय बचता है और सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान होती है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे बहुउद्देशीय शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याएं संबंधित अधिकारियों के सामने रखें और पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिविरों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बीमारियों की समय पर पहचान और जरूरतमंदों को उचित उपचार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से उत्तराखंड में सेवा संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है और विकसित भारत के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी भावना के अनुरूप उत्तराखंड सरकार जनसेवा, सुशासन और जनभागीदारी को बढ़ावा दे रही है। डबल इंजन सरकार का प्रयास है कि सरकारी सेवाएं अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनें।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शासन और जनता के बीच दूरी कम करने के लिए संवाद बेहद जरूरी है। बहुउद्देशीय शिविर प्रशासन और जनता के बीच सीधे संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों से जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और प्रत्येक विभाग को इसी उद्देश्य के साथ काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विकसित उत्तराखंड के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जनभागीदारी और सुशासन के माध्यम से ही प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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