आशारोड़ी-मोहब्बेवाला हाईवे पर फिर बेकाबू ट्रक

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इस बार पुलिस की गाड़ी बनी निशाना
एनएचएआई को नोटिस के बाद भी नहीं थमा हादसों का सिलसिला
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। आशारोड़ी से मोहब्बेवाला की ओर उतरते हाईवे पर बेकाबू भारी वाहन अब गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। ताजा घटना में चेकपोस्ट के पास एक अनियंत्रित ट्रक ने आईआरबी की पुलिस गाड़ी को टक्कर मार दी। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान जाने की सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने एक बार फिर उस सवाल को सामने खड़ा कर दिया है जिस सड़क पर बार-बार भारी वाहन नियंत्रण खो रहे हैं, वहां आखिर स्थायी सुरक्षा इंतजाम कब होंगे?
यह सवाल इसलिए भी बड़ा है क्योंकि अभी 20 सितंबर को मोहब्बेवाला में सीमेंट से लदा 16 टायरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया था। बाइक इसकी चपेट में आई और हादसे में एक व्यक्ति की मौत तथा दो लोगों के घायल होने की पुष्टि पुलिस से जुड़ी रिपोर्ट में हुई थी। दुर्घटना के बाद यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उस हादसे के बाद मामला इतना गंभीर हुआ कि दून पुलिस ने छभ्।प् को दोबारा लिखित नोटिस भेजा। पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से पूछा था कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अब तक क्या उपाय किए गए और आगे क्या कार्ययोजना है। इतना ही नहीं, तीन दिन में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी तक दी गई थी। 25 सितंबर को मोहब्बेवाला में फिर हादसा सामने आया। ईंटों से लदा ट्रक अनियंत्रित होकर गर्ल्स हॉस्टल की ओर जा घुसा। रिपोर्ट के अनुसार चालक ने रंबल स्ट्रिप से वाहन उछलने के बाद ब्रेक फेल होने की बात कही थी और अब एक बार फिर भारी वाहन के अनियंत्रित होने की घटना सामने है फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार सामने आम आदमी का वाहन नहीं, बल्कि पुलिस की गाड़ी थी।
क्या आशारोड़ी से मोहब्बेवाला तक की ढलान भारी वाहनों के लिए तकनीकी रूप से सुरक्षित है? लगातार दुर्घटनाओं के बाद एनएचएआई को दिए गए नोटिस पर क्या जवाब मिला और उस जवाब के बाद मौके पर कौन-कौन से स्थायी सुधार किए गए? रंबल स्ट्रिप, स्पीड नियंत्रण और चेतावनी बोर्ड लगाने के बाद भी यदि ट्रक अनियंत्रित हो रहे हैं तो क्या इन उपायों की तकनीकी समीक्षा की गई? आशारोड़ी पर देहरादून की ओर उतरने वाले भारी वाहनों के ब्रेक, फिटनेस और ओवरलोडिंग की नियमित जांच आखिर किस स्तर पर हो रही है? और सबसे बड़ा सवाल क्या प्रशासन किसी और बड़े जानलेवा हादसे का इंतजार कर रहा है, या अब आशारोड़ी-मोहब्बेवाला के इस संवेदनशील हिस्से का संयुक्त तकनीकी ऑडिट कर जिम्मेदारी तय की जाएगी? लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं को अब महज संयोग कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एक हादसे में जान गई, दूसरे में ट्रक हॉस्टल तक पहुंच गया और अब पुलिस वाहन भी चपेट में आया है। ऐसे में जरूरत केवल चालान, नोटिस और अस्थायी इंतजाम की नहीं, बल्कि यह पता लगाने की है कि आखिर इसी हिस्से में भारी वाहन बार-बार बेकाबू क्यों हो रहे हैं। आवाम की मांग है कि एनएचएआई परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से आशारोड़ी-मोहब्बेवाला मार्ग का तकनीकी निरीक्षण कर रिपोर्ट सार्वजनिक करें, ताकि अगली खबर किसी और मौत की न हो।

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