खनन पट्टे बंद फिर क्रेशर पर कहां से पहुंचा आरबीएम

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पुलिस ने माल खाली करा टैªक्टर को पकड़़ा
ई रवन्ना और सीसीटीवी से खुलेगा सच
विकासनगर(संवाददाता)। ढकरानी स्थित साईं कृपा स्टोन क्रेशर पर आरबीएम की कथित आवाजाही का मामला अब और गंभीर हो गया है। क्षेत्र में संबंधित खनन पट्टों के बंद होने की बात सामने आने के बावजूद यदि भीमावाला और कूड़ा घाटी की ओर से आरबीएम क्रेशर तक पहुंच रहा है तो सबसे पहला सवाल यही है आखिर यह खनिज आ कहां से रहा है?
चर्चा है कि पिछले काफी समय से साईं कृपा स्टोन क्रेशर पर आरबीएम पहुंचने की सूचनाएं सामने आ रही थीं। आज सुबह भी ट्रैक्टरों के माध्यम से आरबीएम पहुंचाए जाने की जानकारी मिली। मामले की सूचना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विकासनगर को मिली तो उन्होंने तत्काल पुलिस टीम मौके पर भेजी। पुलिस की सक्रियता के बाद वहां कथित तौर पर अफरा-तफरी मची। इसी दौरान क्रेशर पर आरबीएम खाली करके बाहर निकल रहे एक ट्रैक्टर को पुलिस ने पकड़कर कार्रवाई की। पट्टे बंद तो ट्रैक्टर में आरबीएम आया कहां से? यही अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। यदि संबंधित क्षेत्रों में वैध खनन पट्टे संचालित नहीं हैं, तो भीमावाला और कूड़ा घाटी की तरफ से आने वाले आरबीएम का वैध स्रोत क्या है? उसके ई-रवन्ना किस स्रोत से जारी हुए? क्रेशर ने वह खनिज किस दस्तावेज के आधार पर स्वीकार किया? इन सवालों का जवाब जिला खनन विभाग को देना चाहिए। सीएम की सख्ती, डीएम के निर्देश फिर जिला खान अधिकारी के संज्ञान में कैसे चलता रहा खेल? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की बात करती रही है। जिला प्रशासन भी अवैध खनन और परिवहन पर कार्रवाई के निर्देश देता रहा है। इसके बावजूद यदि जिला खान अधिकारी के संज्ञान में मामला होने के बाद भी कथित अवैध आरबीएम की आवाजाही जारी रही तो विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
पुलिस सूचना मिलते ही पहुंच सकती है और ट्रैक्टर पकड़ सकती है तो खनन विभाग क्यों नहीं? क्या विभाग ने साईं कृपा स्टोन क्रेशर का स्टॉक जांचा? क्या सीसीटीवी देखा? क्या ई-रवन्ना का सत्यापन किया? यदि किया तो उसका परिणाम क्या निकला? डीएम साहब, आज ही सुरक्षित कराइए सीसीटीवी। आम जनमानस ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान से मांग की है कि साईं कृपा स्टोन क्रेशर के आज के सीसीटीवी फुटेज तत्काल सुरक्षित कराए जाएं। सीसीटीवी में नजर आने वाले प्रत्येक खनिज वाहन का ई-रवन्ना, वाहन नंबर, तौल पर्ची, खरीद रिकॉर्ड और एंट्री रजिस्टर से मिलान कराया जाए। इसके साथ ही पुलिस द्वारा पकड़े गए ट्रैक्टर से कथित तौर पर क्रेशर पर उतारे गए आरबीएम का स्रोत पता किया जाए। यदि संबंधित पट्टे बंद हैं तो यह जांच विशेष रूप से की जाए कि खनिज किस वैध स्रोत से आया। यदि जांच में अवैध खनिज की खरीद, परिवहन या भंडारण अथवा क्रेशर संचालन के नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो क्रेशर को सील कर नियमानुसार भारी जुर्माना लगाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो। पट्टे बंद हैं तो आरबीएम कहां से आया यही सवाल पूरे खेल की चाबी है। पुलिस ने एक ट्रैक्टर पकड़ दिया, अब डीएम की जांच बताएगी कि ढकरानी में खनिज का स्रोत वैध था या इसके पीछे कोई और कहानी है।

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