धामी का अफसरों को अल्टीमेटम

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कागजों में नहीं धरातल पर हो शिकायतों का समाधान
सीएम ने खुद फोन कर परखी हकीकत
सड़कें सुधारने को पन्द्रह अक्टूबर की डेडलाइन
देहरादून(संवाददाता)। मुख्यमंत्री 1905 की समीक्षा करने के लिए आज खुद बैठे और उन्होंने खुद फोन मिलाकर शिकायतों की हकीकत को परखा और दो टूक अल्टीमेटम दे दिया कि अब अफसर शिकायत दबाकर नहीं बैठ सकेंगेे। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि कागजों में नहीं धरातल पर शिकायतों का समाधान होना चाहिए और किसी भी अफसर ने अगर लापरवाही दिखाई तो यह उसकी जवाबदेही होगी। मुख्यमंत्री ने पन्द्रह अक्टूबर तक राज्य की सभी सड़कें सुधारने का वक्त अफसरों को दे दिया और यह भी साफ कर दिया कि अब किसी भी कीमत पर लापरवाही सहन नहीं की जायेगी।
सीएम हेल्पलाइन-1905 पर शिकायत दर्ज कराकर समाधान का इंतजार करने वाली जनता की आवाज अब फाइलों में दबाकर नहीं रखी जा सकेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए अफसरों को साफ कर दिया कि शिकायत को लंबित रखना या महज औपचारिक कार्रवाई कर निस्तारित दिखाना अब नहीं चलेगा। समस्या का समाधान तय समय में धरातल पर दिखना चाहिए, वरना जिम्मेदार अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री केवल अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर नहीं रहे। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को सीधे फोन मिलाकर विभागीय कार्रवाई की हकीकत परखी। पूछा कि समस्या वास्तव में हल हुई या सिर्फ रिकॉर्ड में निस्तारण दिखा दिया गया। जिन मामलों में कार्रवाई अधूरी मिली, उनमें संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए। जिन लोगों की शिकायतों का समाधान हो चुका था, उनसे भी मुख्यमंत्री ने फीडबैक लिया।
मुख्यमंत्री ने खराब सड़कों को लेकर भी जिलाधिकारियों को कड़ा संदेश दिया। सभी जिलों में सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए 15 अक्तूबर की समयसीमा तय करते हुए कहा कि इसमें किसी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। धामी ने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायत सुनना भर पर्याप्त नहीं है, उसका समाधान भी दिखाई देना चाहिए। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज प्रत्येक शिकायत की निगरानी होगी। शिकायत लटकाने, खानापूर्ति करने अथवा जिम्मेदारी से बचने वाले अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। सीएम का संदेश साफ है 1905 पर शिकायत आई है तो उसका अंजाम सिर्फ फाइल बंद होना नहीं, समस्या का समाधान होना चाहिए।

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