धामी का तंत्र आपदा से लड़ने को अलर्ट
आपदा की आहट पर एक्शन मोड में अफसरशाही
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में बारिश का रेड अलर्ट है और उसी को देखते हुए धामी सरकार और उसका सिस्टम हाई अलर्ट पर है। हर जिले में जिला प्रशासन चौकन्ना है और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सरकार ने आपदा से निपटने के लिए खुद को अलर्ट मोड पर रखा हुआ है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के डीएम और पुलिस कप्तानों को चौबीस घंटे अलर्ट रहने के आदेश दिये हैं क्योंकि बारिश सरकार की अग्निपरीक्षा लेने के लिए हर साल आगे खडी रहती है। आसमान से आफत की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन महकमे को आदेश दे रखे हैं कि चौबीस घंटे हर जिले पर नजर रखी जाये और जहां पर भी बारिश से बाढ़ का खतरा नजर आये तो वहां तत्काल बचाव व राहत कार्य का ऑपरेशन चलाया जाये जिससे कोई भी जनहानि न हो पाये।
मानसून के तेज होते तेवरों और उत्तराखंड के कई जिलों में भारी वर्षा की आशंका ने सरकार और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए पूरे सरकारी तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन स्तर से लेकर जिला प्रशासन तक सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए, ताकि जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके। प्रदेश के संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक जलस्तर बढ़ने, नदियों और गधेरों के उफान पर आने तथा सड़क संपर्क बाधित होने जैसी संभावित परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को चौबीसों घंटे सक्रिय रहने के लिए कहा गया है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जहां भी अत्यधिक वर्षा या आपदा जैसी स्थिति उत्पन्न होगी, वहां आपदा प्रबंधन की टीमें बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचेंगी। राहत एवं बचाव उपकरण, मशीनरी और आवश्यक संसाधनों को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही जिला प्रशासनों को स्थानीय स्तर पर संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग करने, नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क करने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है। नियंत्रण कक्षों को चौबीस घंटे सक्रिय रखने और सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि प्राकृतिक आपदाओं में समय पर लिया गया निर्णय और त्वरित राहत कार्य कई जिंदगियां बचा सकता है। यही वजह है कि पूरे सरकारी सिस्टम को पहले से ही सक्रिय कर दिया गया है, ताकि किसी भी संभावित संकट का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि भारी वर्षा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या आपदा नियंत्रण कक्ष को देने की सलाह भी दी गई है।