डोबाल का अल्टीमेटम

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रिजोर्ट की आड में नहीं चलेगा काला धंधा
कप्तान की तीसरी आंख से नहीं बचेंगे शैतान
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। राजधानी में एक दशक से जनपद के दूर दराज इलाकों में काफी रिजोर्ट में क्या खेल चलता था इसका किसी को पता ही नहीं रहता था लेकिन जबसे जनपद की कमान तेज तर्रार आईपीएस प्रमेंद्र डोबाल ने संभाली है तबसे उन्होंने पुलिस और एलआईयू की टीमों को दो टूक संदेश दिया हुआ है कि दूर दराज इलाको में बने रिजोर्ट में क्या चल रहा है इस पर अपनी पैनी निगाह रखें। पुलिस कप्तान ने अल्टीमेटम दे रखा है कि अगर किसी भी रिजोर्ट में कोई अवैध ध्ंाधा चलता पाया गया तो वहां के रिजोर्ट को सील किया जायेगा और उसके संचालक को जेल की सलाखों के पीछे ठूस दिया जायेगा। वहीं ऋषिकेश में कुछ माह पूर्व एक रिजोर्ट में जुए का बडा धंधा बेनकाब हुआ था और उसमें बहुत लडकियां भी जुआ खेलते हुए पकडी गई थी। इस रिजोर्ट में जुए के धंधे के बाद पुलिस कप्तान ने आक्रामक रूख अपना रखा है और उनका कहना है कि पुलिस की तीसरी आंख से कोई भी अवैध ध्ंाधा नहीं पनप पायेगा। पुलिस कप्तान के सख्त रूख के चलते जनपद के किसी भी रिजोर्ट में अब तो न कोई जुआ का धंधा पनप रहा है और न ही किसी रिजोर्ट में अय्याशी की महफिल सजने की कोई बात उठी है।
राजधानी देहरादून और जनपद के दूर-दराज इलाकों में बने कई रिजॉर्ट वर्षों तक पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बने रहे। शहर की चकाचौंध से दूर बने इन आलीशान परिसरों के बारे में समय-समय पर तरह-तरह की शिकायतें और सूचनाएं सामने आती रहीं। सवाल उठते रहे कि आखिर बंद दरवाजों के पीछे क्या हो रहा है? लेकिन अब हालात तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं। जब से जनपद की कमान तेजतर्रार आईपीएस परमेन्द्र डोभाल ने संभाली है, तभी से उन्होंने साफ कर दिया कि कानून के सामने कोई भी रसूख, पैसा या चमक-दमक मायने नहीं रखती। पुलिस और एलआईयू को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिले के हर संदिग्ध रिजॉर्ट, फार्म हाउस और एकांत में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर लगातार निगरानी रखी जाए। पुलिस की नजर अब केवल शहर तक सीमित नहीं, बल्कि उन इलाकों तक पहुंच चुकी है जहां कभी जांच की आहट भी कम सुनाई देती थी। कुछ माह पहले ऋषिकेश क्षेत्र के एक रिजॉर्ट में पुलिस की कार्रवाई ने पूरे जिले को संदेश दे दिया था। कथित जुए के अड्डे का खुलासा हुआ और कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके बाद पुलिस ने साफ संकेत दे दिया कि अब किसी भी रिजॉर्ट को कानून से ऊपर समझने की भूल भारी पड़ सकती है।
सूत्रों के अनुसार जिले में खुफिया निगरानी का दायरा भी बढ़ाया गया है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलते ही पुलिस और एलआईयू मौके पर पहुंचकर सत्यापन कर रही है। यही वजह है कि अब रिजॉर्ट कारोबार से जुड़े लोग भी नियमों के पालन को लेकर पहले से अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं। पुलिस कप्तान का संदेश बिल्कुल स्पष्ट हैकृयदि किसी भी रिजॉर्ट में जुआ, नशे का कारोबार, देह व्यापार या किसी अन्य अवैध गतिविधि की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर प्रतिष्ठान के विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। कानून व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाने का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। लगातार निगरानी, औचक जांच और खुफिया इनपुट के कारण संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की कोशिश तेज हुई है। संदेश साफ हैकृरिजॉर्ट कारोबार की आड़ में कानून को चुनौती देने वालों के लिए अब देहरादून में जगह नहीं है। पुलिस की नजर हर उस दरवाजे तक पहुंच रही है, जिसके पीछे गैरकानूनी गतिविधियां छिपाने की कोशिश की जाएगी। अब फैसला उन लोगों को करना है जो पर्यटन के नाम पर कारोबार करना चाहते हैं या कानून की सीमा लांघने का जोखिम उठाना चाहते हैं। क्योंकि देहरादून पुलिस का संदेश साफ हैकृरिजॉर्ट चलाइए, लेकिन कानून के दायरे में। कानून तोड़ेंगे तो कार्रवाई तय है।

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