डोबाल का सुपर मास्टर स्ट्रोक

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दस लाख की डायमेंड ज्वैलरी का राज बेनकाब
इंस्टाग्राम पर हीरे का हार पहनकर रील बनाने वाली सलाखों के पीछे
राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने कर दिया करिश्मा
देहरादून। जनपद के पुलिस कप्तान के अपराधमुक्त दून के विजन को धरातल पर उतारने के लिए राजपुर थाना प्रभारी ने ऑपरेशन क्रिमनल चला रखा है और उन्होंने अपनी तैनाती के दौरान जहां बडे-बडे अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया तो वहीं उन्होंने दिल्ली के कुख्यात नाइजीरियन विदेशी नशा माफियाओं को कोकीन जैसे खतरनाक नशे के साथ गिरफ्तार कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया जिससे इलाके में नशे के धंधे पर बडा वार हुआ है। पुलिस कप्तान ने एक बडा मास्टर स्ट्रोक चलते हुए राजपुर थाना प्रभारी को एक साल पहले दस लाख के हीरे के जेवरात उडाने की दास्तां का पर्दाफाश करने का हुक्म दिया तो राजपुर थाना प्रभारी ने इंस्टाग्राम पर हीरे का हार पहनकर रील बनाने वाली एक शैतान महिला को दस लाख के हीरे के जेवरातों समेत दबोच लिया। सबसे हैरानी वाली बात तो यह है कि हीरे के जवारात की चोरी का मुकदमा भी दर्ज नहीं था और उसके बारे में सिर्फ चर्चा होती थी लेकिन जब थाना प्रभारी ने इंस्टाग्राम पर एक महिला को हीरे के हार के साथ रील बनाते हुए देखा तो उन्होंने महिला का सारा इतिहास पता किया और पता चला कि यह तो राजपुर में एक साल पहले किसी परिवार के यहां नौकरानी थी। इंस्टाग्राम पर रील बनाकर इतराने वाली अब जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गई।
राजधानी में अपराधियों के खिलाफ पुलिस कप्तान प्रमेंद्र सिंह डोबाल की सख्त रणनीति एक बार फिर रंग लाई है। थाना राजपुर पुलिस ने करीब एक वर्ष पुराने बहुचर्चित ज्वेलरी चोरी कांड का खुलासा करते हुए घरेलू सहायिका विमला पत्नी रंजीत, निवासी ग्राम चकगामा, थाना पसीगमा, जनपद लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी बापू नगर, जाखन, देहरादून को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 10 लाख रुपये मूल्य का हीरे का हार, सोने का लॉकेट, दो सोने की अंगूठियां, एक सोने का पेंडल और एक ओप्पो मोबाइल फोन बरामद किया है।
पुलिस कप्तान के अनुसार विमला लंबे समय तक आईटी पार्क स्थित नितिशा वत्स के घर घरेलू सहायिका के रूप में कार्य करती रही। घर की मालकिन का भरोसा जीतने के बाद उसने लॉकर में रखे कीमती हीरे और सोने के आभूषणों पर नजर गड़ा ली। मौका मिलते ही उसने लाखों रुपये के हीरे के गहने चोरी कर लिए और बाद में बड़ी चालाकी से घर की मालकिन को यही विश्वास दिलाती रही कि शायद आभूषण कहीं और रख दिए गए हैं या किसी रिश्तेदार को दिए गए होंगे। इसी भरोसे की आड़ में चोरी करीब एक वर्ष तक छिपी रही। मामले ने तब सनसनीखेज मोड़ लिया जब वादिनी के एक परिचित ने सोशल मीडिया पर विमला की इंस्टाग्राम प्रोफाइल में वही हीरे का हार पहने उसकी तस्वीर देखी। तस्वीर देखते ही संदेह गहराया और तत्काल राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। शिकायत मिलते ही पुलिस कप्तान प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट को हीरे के जवारात चुराने वाली को सलाखों के पीछे पहुंचाने का हुक्म दिया और उसके बाद थाना प्रभारी उसकी तलाश में निकल पडे़।
थानाध्यक्ष पी.डी. भट्ट के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और लगातार की गई पड़ताल के आधार पर जोहड़ी रोड क्षेत्र से विमला को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर चोरी के अधिकांश कीमती आभूषण बरामद कर लिए गए। पूछताछ में उसने चोरी की बात स्वीकार करते हुए बताया कि वह लंबे समय से आभूषण बेचने की कोशिश कर रही थी, लेकिन सफल नहीं हो सकी। अंततः सोशल मीडिया पर दिखावे के लिए साझा की गई एक तस्वीर ही उसके खिलाफ सबसे मजबूत सबूत बन गई। इस उल्लेखनीय सफलता पर पुलिस कप्तान प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने थाना राजपुर की टीम थानाध्यक्ष पी.डी. भट्ट, उपनिरीक्षक अनित कुमार, महिला उपनिरीक्षक ज्योति पवार, कांस्टेबल अमित, कांस्टेबल मोहित तथा एसओजी के हेड कांस्टेबल किरण कुमार को ढाई हजार के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की।

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