गजबः पंप ऑपरेटरों को मात्र कुछ हजार मिल रहा वेतन
विकासनगर(संवाददाता)। जन संघर्ष मोर्चा ने आम जनमानस के मुद्दों को लेकर अब सरकार और सिस्टम को घेरने का जो सिलसिला शुरू कर रखा है उससे सिस्टम के माथे पर कहीं न कहीं शिकन पडी हुई है। जन संघर्ष मोर्चा ने कुछ मंत्रियों के द्वारा किये जा रहे कथित भ्रष्टाचार को लेकर उन पर बडा प्रहार करते हुए उन्हें मंत्रिमण्डल से बाहर करने के लिए अपनी हुंकार लगाने का जो दौर शुरू किया हुआ है उससे सरकार में भी बेचैनी देखने को मिल रही है। जन संघर्ष मोर्चा अब कथित भ्रष्टाचार में लिप्त उन मंत्रियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए आगे बढ़ता जा रहा है जिन्होंने उत्तराखण्ड को एक नया उत्तराखण्ड बना रहे मुख्यमंत्री के सपनों को साकार करने का संकल्प लिया था। अब जन संघर्ष मोर्चा ने सिस्टम को कटघरे में खडा किया है कि पोस्ट पंप के ऑपरेटरों के साथ खुला अन्याय हो रहा है और उन्हें मात्र कुछ हजार ही वेतन दिया जा रहा है। तो वहीं लिफ्ट योजना के अन्दर कार्यरत पंप ऑपरेटरों की पीडा को देखते हुए वह जल्द शासन में दस्तक देंगे। मोर्चा का आरोप है कि जल संस्थान के पंप ऑपरेटरों को भी मात्र कुछ हजार वेतन मिल रहा है जो कि ऊंट के मुंह में जीरे के सामान है।
जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में सिंचाई के लिए नलकूप खंडों से लिफ्ट योजना के तहत काफी संख्या में ठेकेदारी प्रथा के माध्यम से पंप ऑपरेटरों को पंप ऑपरेटिंग का जिम्मा दिया गया है और उक्त ऑपरेटर्स कई-कई वर्षों से यानी लगभग पंद्रह से स़त्रह साल से कार्य कर रहे हैं, लेकिन मेहनताना के नाम पर ईपीएफ व ईएसआई काटकर मात्र 5700 से 6000 रुपए थमांकर विभागीय ठेकेदार इतिश्री की कर रहे है। उन्होंने कहा कि लगातार इन पोस्ट पंप ऑपरेटरों के साथ अन्याय किया जा रहा है जिसे सहन नहीं किया जाएगा। यहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए नेगी ने कहा है कि इसी प्रकार जल संस्थानों में भी पंप ऑपरेटर्स तैनात किए गए हैं, जिनको ठेकेदार द्वारा मात्र चार-साढ़े चार हजार रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ से इन कर्मचारियों की 24 घंटे की ड्यूटी है और इन कर्मचारियों का इतना बड़ा शोषण कई- कई वर्षों से हो रहा है, लेकिन चुने हुए जनप्रतिनिधि व सरकारध् शासन खामोश क्यों है।
उन्होंने कहा कि शासन और निदेशालय इस संबंध में क्यों मॉनिटरिंग नहीं करते! इन कर्मचारियों को सरकार, श्रम विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर वेतन इत्यादि मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों ने यह सोचकर अपना जीवन इसमें खपा दिया कि कभी तो अच्छे दिन आएंगे, लेकिन इनको क्या खबर की यह सिर्फ और सिर्फ प्राइवेट ठेकेदारी के माध्यम से कार्योजित हैं, जिनका कभी भला नहीं हो सकता है। नेगी ने कहा है कि दुर्भाग्य की बात है कि जिन विधायकों को इन्होंने चुनकर भेजा था वे सिर्फ और सिर्फ अपने वेतन, भत्ते बढ़ाने, रेत, बजरी, शराब के काले कारोबार, ठेकेदारी व अपना आर्थिक साम्राज्य विस्तार करने में लगे हैं। नेगी ने कहा है कि मोर्चा इन पंप ऑपरेटर्स की पीड़ा को लेकर बहुत जल्द शासन में दस्तक देगा। इस अवसर पर वार्ता में मोर्चा के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।