कप्तान की रडार में फंस रहे अपराधी और तस्कर
शराब तस्करी करने वालों को नहीं बक्शेंगे प्रमेंद्र
विकासनगर (मनोज सैनी)। पुलिस कप्तान ने अपराधियों, माफियाओं और शराब तस्करी करने वाले तस्करों को खुला अल्टीमेटम दे रखा है कि अगर उन्होंने अपराध करने का दुसाहस किया तो उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पडेगा। पुलिस कप्तान ने शराब तस्करों पर अपनी रडार लगा रखी है और उसी के चलते उनकी रडार में एक बार फिर तीन शराब तस्कर उस समय फंस गये जब वह विकासनगर बॉर्डर से देहरादून में शराब की तस्करी करने के लिए छोटे हाथी को अपना हथियार बनाकर ला रहे थे। शराब की बडी खेप पकडे जाने के बाद पुलिस कप्तान ने दो टूक अल्टीमेटम दे दिया है कि अब कोई भी शराब तस्कर यह भ्रम न पाले कि वह राजधानी के अन्दर अपने हथकंडो को अपनाकर शराब तस्करी करने में सफल हो जायेंगे। पुलिस कप्तान के इस वार से शराब माफियाओं में हाहाकार मच गया है।
देहरादून पुलिस ने विकासनगर क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब माफिया के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। ऑपरेशन प्रहार के तहत कुल्हाल चौकी पुलिस ने सघन चैकिंग के दौरान हरियाणा नंबर के एक छोटा हाथी वाहन को रोककर तलाशी ली, जिसमें 120 पेटी चंडीगढ़ मार्का अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने मौके से तीन तस्करों को गिरफ्तार कर वाहन को सीज कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब की यह खेप उत्तराखंड में अवैध सप्लाई के लिए लाई जा रही थी।
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर जिलेभर में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में कुल्हाल चौकी पुलिस संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। पांवटा साहिब की ओर से आए छोटा हाथी वाहन को रोककर पूछताछ की गई तो वाहन में सवार तीनों युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। तलाशी लेने पर वाहन से 120 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा निवासी जय सिंह, अमित कुमार और मंजीत के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धाराओं 63/72 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे पिछले कई वर्षों से चंडीगढ़ निवासी हरप्रीत के लिए शराब की अवैध सप्लाई का काम कर रहे थे। शराब कहां से उठानी है और किस स्थान पर पहुंचानी है, इसकी पूरी जिम्मेदारी हरप्रीत तय करता था। एक खेप पहुंचाने के एवज में उन्हें 30 हजार रुपये मिलते थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच में जुट गई है।
इस कार्रवाई को कुल्हाल चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक वैभव गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अंजाम दिया। बरामद शराब और तस्करी में प्रयुक्त वाहन को कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है और पूरे गिरोह के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने अपराधियों, माफियाओं, नशा तस्करों के खिलाफ ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है कि उसमें हर वो माफिया फंसेगा जो पुलिस को चुनौती देने का दुसाहस करेगा।