देहरादून(नगर संवाददाता)। आंगनवाडी कार्यकत्र्रियों को राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने, मानदेय में बढ़ोत्तरी करने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सचिवालय कूच किया तो पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया। पुलिस के रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक, धक्का मुक्की हुई और काफी देर तक हंगामा चलता रहा, बाद में सभी वहीं पर धरने में बैठ गई।
यहां उत्तराखंड राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला खत्री के नेतृत्व में कार्यकत्र्रियां परेड ग्राउंड के पास इकटठा हुई और वहां से अपनी मांगों के समाधान के लिए रैली निकालकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सचिवालय कूच किया, जहां पर पुलिस ने सभी को बैरीकैडिंग लगाकर रोक लिया और इस दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सुशीला खत्री ने कहा है कि लगातार प्रदेश सरकार से मांगों का समाधान करने के लिए कई ज्ञापन दिए गए लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से कार्य बहिष्कार चल रहा है और सरकार व संबंधित विभाग आंगनवाडी कार्यकत्र्रियों की कोई सुध नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्र्रियों को शासकीय सेवाओं में नियमित किया जाए, और उनके मानदेय वृद्धि की जाए। उन्होंने कहा कि उनका मानदेय आठ सौ रूपए प्रतिदिन की दर से 24 हजार रूपए किय जाएं। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार ग्रेच्यूटी का लाभ दिया जाए।
इस दौरान जॉली सैनी ने कहा है कि जब तक कार्य बहिष्कार चल रहा है तब तक कोई भी विभागीय या गैर विभागीय कार्य नहीं किए जाएंगें और लगातार अपनी मांगों को प्रमुखता के साथ उठाया जाएगा। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया और बाद में प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया और सभी समस्याओं को हल किए जाने की मांग की गई। इस अवसर पर प्रदेश भर से आई आंगनवाडी कार्यकत्र्रियां मौजूद रही।
