तारे की तरह टिमटिमाते धामी

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शीतकालीन यात्रा कराकर देशभर के श्रद्धालुओं को दिया आस्था का तोहफा
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में हर तरफ मुस्कान बिखेरते आ रहे हैं और उनकी इस मुस्कान से राज्य की जनता गदगद नजर आ रही है। राज्यवासियांे और आंदोलनकारियों के मन में स्वच्छ और पारदर्शी सरकार चलाने की शैली खूब भा रही है। मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में द्वेष भावना के साथ सरकार चलाने से परहेज किया और वह सबका साथ सबका विकास के तर्ज पर आगे बढते जा रहे हैं और यही कारण है कि आज बच्चों से लेकर बडे-बूढे भी मुख्यमंत्री के फलावर रूप में मोहित होकर उनके साथ खडे हुये नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में एक से एक बडे फैसले दबंगता से लेकर राज्य की जनता के मन में एक बडा विश्वास पैदा कर दिया है कि वह उत्तराखण्ड को गुलजार करने के लिए हमेशा आगे बढते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने राज्य के अन्दर शीतकालीन यात्रा चलाकर देशभर मंे यह संदेश दे दिया था कि वह देवभूमि में श्रद्धालुओं को बारह माह यात्रा के लिए आमंत्रित करने के लिए आगे बढ़ गये हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने चार साल के कार्यकाल में वो इतिहास रच दिया जो बाइस साल से कोई भी पूर्व मुख्यमंत्री नहीं रच पाया था। सभी सरकारों के कार्यकाल में आंदोलनकारियों के मन में एक पीडा देखने को मिलती थी कि उन्हें कब सरकार की ओर से वो सम्मान मिलेगा जिसके लिए वह राज्य बनने के बाद से ही उसका इंतजार कर रहे है। मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारियों की हर मांगों को मानने के लिए खुद लम्बा मंथन और चिंतन किया और उन्होंने आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देकर उनके सपनों को बडे पंख लगा दिये थे। मुख्यमंत्री ने हमेशा आंदोलनकारियों को हर समारोह में सम्मानित करने का जो सिलसिला शुरू कर रखा है उससे आंदोलनकारियों के मन में मुख्यमंत्री की छवि एक सुपर सीएम के रूप मंे हो चुकी है। मुख्यमंत्री हमेशा आंदोलनकारियों को बडा सम्मान देने के लिए आगे खडे हुये नजर आते हैं और आज यही कारण है कि राज्य के अन्दर जिस मुस्कान को बिखेरते हुए मुख्यमंत्री दिखाई दे रहे हैं उससे राज्य की जनता और आंदोलनकारियों ने उन्हें उत्तराखण्ड का वो सितारा मान लिया है जो तीन सालों से हर रोज उत्तराखण्ड की वादियों में टिमटिमा रहा है।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने जबसे सत्ता संभाली है तबसे वह हर इंसान के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए हमेशा आगे बढे हैं और यही कारण है कि आज राज्य के अन्दर मुख्यमंत्री की स्वच्छ कार्यशैली से हर इंसान कायल हो रखा है। चौबीस साल से आंदोलनकारी अपने सपनों का उत्तराखण्ड देखने की चाहत मे रहे हैं और उनकी इस चाहत को चार चांद लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने कोई कसर नहीं छोडी और हमेशा वह आंदोलनकारियों को मंच से लेकर सरकारी कार्यक्रमों मे सम्मानित करते हुये नजर आये हैं जिसके चलते आंदोलनकारियों को यह सुकून मिलता रहा है कि राज्य का युवा मुख्यमंत्री आंदोलनकारियों की भावनाओं का किस तरह से आदर करता आ रहा है। अब रक्षा बंधन से पहले मुख्यमंत्री द्वारा सरकारी नौकरियों मे आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण पास करने का जो बिल राजभवन भेजा था उस पर मोहर लगी तो आंदोलनकारियों के चेहरे खिल गये कि मुख्यमंत्री ने उन्हें राखी का एक बडा गिफ्ट दिया था।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जबसे सत्ता संभाली है तबसे वह राज्य को एक नई दिशा मे ले जाने के लिए आगे बढते जा रहे हैं और यही कारण है कि उनके शासनकाल मे सडकों पर कहीं आंदोलन की बयार देखने को नहीं मिलती। मुख्यमंत्री राजनीति को एक बेहतर दिशा मे ले जाने के लिए हमेशा आगे बढे हैं और वह सबका साथ सबका विकास के एजंेडे पर ही आगे बढ़ते हुए दिखाई दिये हैं जिसके चलते राज्य की जनता उन्हें उत्तराखण्ड का हृदय सम्राट भी मानने लगी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जो कि आंदोलनकारियों को हमेशा एक बडा सम्मान देने के लिए आगे बढते रहे हैं उन्होंने हर मंच पर राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान करने का जो सिलसिला शुरू कर रखा है उसी के चलते राज्य आंदोलनकारी कभी भी मुख्यमंत्री के खिलाफ अपनी आवाज उठाते हुए नजर नहीं आये क्योंकि उन्हें इस बात का इल्म है कि वह जब भी मुख्यमंत्री के सामने आंदोलनकारियों की भावनाओं को लेकर उनके पास जायेंगे तो उनकी हर मांग को वह हरी झंडी दे देंगे।

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