विकासनगर(संवाददाता)। जनसंघर्ष मोर्चा एक लम्बे समय से राज्य के कैबिनेट मंत्री के भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर उन पर बार-बार अटैक कर रहा है और उन्हें मंत्रिमण्डल से बाहर किये जाने की मांग उठाता रहा है लेकिन मंत्री पर कोई एक्शन न होने से जनसंघर्ष मोर्चा सरकार और राजभवन को कटघरे में खडा कर रहा है कि आखिरकार घोटालेबाज मंत्री को मंत्रिमण्डल से बाहर क्यों नहीं किया जा रहा है? जनसंघर्ष मोर्चा खुला आरोप लगा रहा है कि भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्री की अघोषित सैकडों करोड की सम्पत्ति की जांच आखिर क्यों नहीं कराई जा रही जबकि वह बार-बार सरकार और राजभवन से मंत्री की अघोषित सम्पत्तियों की सीबीआई की जांच की मांग करता आ रहा है। जनसंघर्ष मोर्चा का साफ कहना है कि अगर भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्री को जल्द मंत्रिमण्डल से बाहर का रास्ता न दिखाया गया तो वह सडकों पर भी उतरेंगे और उच्च न्यायालय में भी अपनी आवाज उठायेंगे कि भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्री पर आखिर सरकार इतनी दयालु क्यों हो रखी है और आय से अधिक सम्पत्ति के मामले पर कार्यवाही की जाये।
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि घोटालेबाज भ्रष्ट कृषि मंत्री गणेश जोशी द्वारा जिस तरह से लगातार घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है ,उससे सरकार व प्रदेश की छवि धूमिल होती जा रही है, लेकिन ऐसे महाभ्रष्ट मंत्री को आज तक मंत्रिमंडल से बर्खास्त नहीं किया गया और न ही ऐसे भ्रष्ट मंत्री की अघोषित सैकड़ो करोड रुपए की संपत्ति की जांच करवाई गई। नेगी ने आरोप लगाया कि उक्त मंत्री द्वारा आए दिन घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है तथा इसी कड़ी में सबसे पहले घोटाले बाज उद्यान निदेशक बवेजा को सीबीआई जांच से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करवाई तथा इसी क्रम में हाल ही में कृषि मित्र मेला में घोटाले की पटकथा को अंजाम दिया गया व तराई बीज विकास निगम की परिसंपत्तियों/भूमि नीलाम करने में भी घोटाले का आरोप मंत्री के सर पर हैं। आय से अधिक मामले में न्यायालय द्वारा सरकार से इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को लेकर सहमति मांगी गई, लेकिन शासन द्वारा इनको अभय दान दे दिया गया। जैविक खेती/बागवानी में भी गड़बड़ी के आरोप इनके सर पर हैं। इसके साथ-साथ निर्माणाधीन सैन्य धाम में गड़बड़ी तथा विदेशी टूर में लाखों रुपए की बर्बादी का आरोप भी उक्त भ्रष्ट मंत्री के सर पर है। कई ऐसे घोटाले हैं, जो अभी तक प्रकाश में नहीं आ पाए।
नेगी ने आरोप लगाया कि उक्त भ्रष्ट मंत्री द्वारा पांच-सात साल में सैकड़ों करोड़ की अघोषित संपत्ति अपने गुर्गों, परिजनों, रिश्तेदारों के नाम अर्जित कर ली है, जिसकी जांच होनी बहुत जरूरी है। हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा उपरोक्त तमाम गड़बडिय़ों के मामले में मंत्री गणेश जोशी को नोटिस जारी किया गया है, इसका संज्ञान लेकर सरकार को उक्त मंत्री को मंत्रिमंडल से निकाल बाहर करना चाहिए। इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि जो व्यक्ति पन्द्रह-बीस साल पहले मुफलिसी के दिन गुजर रहा था, एकदम कैसे सैकड़ों करोड़ (अघोषित) का मालिक बन बैठा। सरकार इस बात की भी जांच कराये कि जनपद देहरादून व आसपास जितने भी कंपलेक्स, मॉल अपार्टमेंट इमारतें बने हैं, उनमें कितने इनके परिजनों व गुर्गों के नाम धमकाकर हासिल किए गए हैं। ऐसे भ्रष्ट मंत्री के काले कारनामों के चलते प्रदेश की छवि धूमिल हो रही है। राजभवन का इस मामले में खामोश बैठना निश्चित तौर पर दुर्भाग्यपूर्ण है। मोर्चा सरकार से मांग करता है कि ऐसे भ्रष्ट मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर इनकी अघोषित संपत्ति भी जांच कराये।

