एसटीएफ ने दबोचा नाइजीरियन ठग

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देहरादून(संवाददाता)। एसटीएफ पुलिस कप्तान ने अन्तर्राष्ट्रीय पार्सल फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश करते हुए अन्तर्राष्ट्रीय नाइजीरियन ठग को दबोचा है जो लम्बे समय से सरकारी अधिकारी बनकर करोडो की ठगी करने का खेल खेल रहा था। सबसे अहम बात यह है कि यह गैंग आम जनमानस को झांसे में लेने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म को अपना हथियार बनाये हुये था जिसके चलते इस गैंग पर एसटीएफ की नजर लगी हुई थी।
पुलिस कप्तान नवनीत भुल्लर ने जानकारी दी कि एक प्रकरण देहरादून निवासी शिकायतकर्ता द्वारा माह जुलाई 2०25 में शिकायत दर्ज कराया गया जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा बताया कि फेसबुक पर एक महिला ने स्वयं को एम्स्टर्डम स्थित एक नामी फार्मा कंपनी की सीनियर मैनेजर बताते हुए मित्रता की। विश्वास जीतकर उसने नकली पार्सल भेजने का बहाना बनाया और फ्लोटा लॉजिस्टिक्स के नाम पर कस्टम स्कैनिंग, गोल्ड लाइसेंस, करेंसी कन्वर्जन, जीएसटी, बीमा, क्लियरेंस, और अन्य शुल्कों के बहाने लगातार ऑनलाइन भुगतान करवाए । परन्तु स्वयं के साथ हो रही साइबर फ्रॉड का अंदेशा नहीं हो पाया, जिससे पीडि़त द्वारा विभिन्न बैंक खातों में कई किस्तों में 24,88,4०० स्थानांतरित किए गए। इसके बाद कथित ‘राष्ट्रीय साइबर सुरक्षाÓ अधिकारियों और नकली पुलिसकर्मियों ने फर्जी केस निपटाने, नाम हटाने और फाइल आगे बढ़ाने के बहाने अतिरिक्त 4,1०,25० अवैध रूप से प्राप्त किए। आरोपियों ने अनेक फर्जी मोबाइल नंबर, बैंक खाते और सरकारी पदनामों का दुरुपयोग करते हुए प्रलोभन एवं दबाव के माध्यम से पीडि़त को निशाना बनाकर संगठित साइबर धोखाधड़ी से कुल 28,98,65० की धोखाधड़ी की थी।
पुलिस कप्तान ने बताया कि इस अन्तर्राष्ट्रीय गैंग को बेनकाब करने के लिए साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, देहरादून के सुपुर्द कर अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये थे। साइबर क्राइम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, व्हाट्सएप चौट, फेसबुक मैसेंजर वार्तालाप, पार्सल ट्रैकिंग डोमेन एवं संबंधित डिजिटल माध्यमों की जानकारी हेतु बैंकों, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स, डोमेन होस्टिंग कंपनियों एवं मेटा कंपनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि साइबर अपराधियों ने फर्जी अंतरराष्ट्रीय पार्सल भेजने का झांसा देकर एवं स्वयं को सरकारी अधिकारी/राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अधिकारी बताकर, पीडि़त से विभिन्न बैंक खातों में 28,98,65० की राशि स्थानांतरित करवाई। विवेचना के दौरान साईबर थाना पुलिस टीम द्वारा अभियोग में प्रकाश में आए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, व्हाट्सएप चौट, फेसबुक मैसेंजर वार्तालाप, पार्सल ट्रैकिंग डोमेन एवं संबंधित डिजिटल माध्यमों की जानकारी का सत्यापन किया गया । पुलिस टीम द्वारा तकनीकी/डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर घटना के कॉलिनस उगोचुकवु न्वाएमुका निवासी आईएमओ राज्य नाइजीरिया (नाइजीरियन नागरिक) को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की । साईबर टीम द्वारा बीएनएसएस के अन्तर्गत प्रकाश में आये अभियुक्त कॉलिनस उगोचुकवु की तलाश दिल्ली जाकर की गयी व अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही बीएनएसएस के अन्तर्गत की गई । पुलिस कप्तान ने बताया कि ठग द्वारा पहले फेसबुक पर नकली प्रोफाइल बनाकर स्वयं को एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कंपनी की सीनियर मैनेजर के रूप में प्रस्तुत किया। पीडि़त से मित्रता कर विश्वास हासिल किया और अंतरराष्ट्रीय पार्सल भेजने का बहाना बनाया। पार्सल ट्रैकिंग वेबसाइट एवं नकली कस्टम एजेंटों के माध्यम से स्कैनिंग शुल्क, गोल्ड लाइसेंस, करेंसी कन्वर्जन, बीमा, जीएसटी, क्लीयरेंस आदि के नाम पर कई बार धनराशि की मांग की गई।इसके बाद, आरोपियों ने ‘राष्ट्रीय साइबर सुरक्षाÓ अधिकारी एवं पुलिसकर्मी बनकर पीडि़त को फर्जी केस में फंसाने, नाम हटाने और फाइल आगे बढ़ाने के बहाने अतिरिक्त राशि जमा करवाई। इस पूरे अपराध में अनेक फर्जी मोबाइल नंबर, बैंक खाते, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और पार्सल ट्रैकिंग डोमेन का प्रयोग किया गया, जिसके माध्यम से कुल 28,98,65० की ठगी को अंजाम दिया गया। प्रारम्भिक पूछताछ में अभियुक्त ने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है उसमें मात्र कुछ माह में ही करोडो रूपयों का लेन-देन होना प्रकाश में आया है। एसटीएफ ने ठग के कब्जे से पन्द्रह मोबाइल, पांच बैंक एटीएम कार्ड, दस सिम, पासपोर्ट, लेपटॉप, पैन कार्ड बरामद किये हैं।

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