रूद्रप्रयाग(संवाददाता)। बारिश से केदारनाथ धाम के सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच भारी भूस्खलन और मलबा आने के कारण रास्ता खतरनाक बन गया था जिसके चलते जिला प्रशासन ने इस रास्ते को खुलवाने के लिए चंद दिनों तक अस्थाई तौर पर केदारनाथ यात्रा को रूकवा दिया था और पुलिस कप्तान ने श्रद्धालुओं से अपील की थी कि जब तक बाबा केदारनाथ जाने का मार्ग ठीक नहीं हो जाता तब तक यहां यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु दूसरे मन्दिरों में दर्शन कर लें। जिला व पुलिस प्रशासन सोनप्रयाग से गौरीकुंड के मार्ग को खुलवाने के लिए रात-दिन जुटा हुआ था और मार्ग खोलने वाली एजेंसी भी लगातार मलबा साफ करने के मिशन में आगे बढी हुई थी। आज आखिरकार पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन ने सोनप्रयाग व गौरीकुंड के बीच बाधित मार्ग को खुलवाया। सडक मार्ग ठीक होने तक अभी श्रद्धालुओं को छह किमी अतिरिक्त यात्रा करनी होगी और कुल मिलाकर श्रद्धालुओं को अभी पैदल 28 किमी यात्रा का सफर तय करना पडेगा। बाबा केदारनाथ की यात्रा फिर शुरू होने से श्रद्धालुओं में एक आस्था का भाव देखने को मिला और हर तरफ श्रद्धालु बम-बम भोले के उद्घोष लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
सोनप्रयाग से गौरीकुण्ड के मध्य सड़क मार्ग बाधित होने के कारण विगत कुछ दिवसों से अस्थाई तौर पर केदारनाथ की यात्रा रुकी हुई थी केवल वापस आ रहे यात्रियों को सुरक्षा बलों की मदद से वैकल्पिक पैदल मार्ग से वापस लाया जा रहा था। आज मुख्य सड़क मार्ग जो कि कुछ हद तक पैदल चलने लायक हो चुका है पर आवागमन हेतु सुचारु होने पर सोनप्रयाग से यात्रियों के ग्रुप को गौरीकुण्ड होते हुए केदारनाथ के लिए भेजा गया है। पुलिस कप्तान ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षतिग्रस्त हुए स्थल पर वाहनों के आवागमन शुरू होने तक श्रद्धालुओं को तकरीबन 22 कि.मी. पैदल केदारनाथ धाम की यात्रा करनी होगी। बारिश होने की दशा में यहां पर यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत आवागमन को अस्थाई तौर पर रोका जाएगा। साथ ही यात्रियों से अपील की है कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही अपना यात्रा करें। सम्बन्धित कार्यदाई संस्था लो.नि.वि. के स्तर से निरन्तर मार्ग को चौड़ीकरण की कार्यवाही की जा रही है।

