विरोधियों के लिए खतरे की घंटी है ‘महाबलियों की मुस्कानÓ

0
105

देहरादून(संवाददाता)। राजनीति के महाबलियों में जब भी मुलाकात होती है तो वह मुलाकात हमेशा ही चर्चा का विषय बन जाती है। वहीं यदि ऐसी मुलाकातों में थोड़ी हंसी ठिठोली हो जाए और मुस्कानों का आदान प्रदान हो तो यह माना जाता है कि उनकी यह शिष्टाचारी मुस्कान कहीं न कहीं उनके विरोधियों के लिए खतरे की घंटी है। ऐसे ही राजनीति के दो महाबलियों, देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच राजधानी दिल्ली में मुलाकात हुई। उनकी इस मुलाकात के जो छायाचित्र सामने आए हैं, उन्होंने संभवत: विरोधियों के होश उड़ा दिए हैं। इस मुलाकात में पीएम मोदी और सीएम धामी के मध्य जो मुस्कानों का आदान प्रदान हुआ है वह कहीं न कहीं उनके विरोधियों के लिए खतरे की घंटे समझा जा रहा है। यह बात तो जगजाहिर है कि जब भी प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मिलते हैं तो, उनकी इन मुलाकातों से उनके राजनीतिक शत्रुओं में खौफ व्याप्त हो जाता है। इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण यही है कि जिस दिन से प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड की सत्ता की कमान पुष्कर सिंह धामी के कुशल हाथों में सौंपी हैं, उस दिन से ही उत्तराखण्ड में भाजपा के अच्छे दिन शुरू हो गए हैं और साथ ही प्रदेश की जनता को भी इस बात का एहसास हो गया है कि उनका यह मुखिया ही पहाड़ का विकास कर सकता है। इन दोनों महाबलियों की सोच एक है, उद्देश्य एक है, विकास सर्वोपरि। जनता के हित में कार्य करने की इन दोनों महाबलियों की यहीं सोच इनकी जोड़ी को सुपर-डुपर हिट बनाती है।
आज के सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर में सूचनाओं का आदान प्रदान करने का सबसे मुफीद माध्यम है व्हाट्स एप। हालांकि व्हाट्स एप पर अधिकतर तो अनर्गल संदेश ही प्रसारित होतें लेकिन कुछ पंक्तियां ऐसी भी व्हाट्स एप पर देखने को मिलती हैं, जो कई मायनों में प्रभावित करते हैं। उदाहरण के तौर पर आजकल व्हाट्स एप पर एक संवाद बहुत तेजी के साथ प्रसारित हो रहा है, ”दो भाई, दोनों तबाहीÓÓ। एक मायने में देखा जाए तो इस संवाद एक भावार्थ मोदी और धामी पर बिलकुल सटीक बैठता है क्योंकि इन दो महाबलियों की जोड़ी ने अपने विरोधियों के आंगन में तबाही ही मचा रखी है।
उल्लेखनीय है कि कल नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पंहुचे थे। अपनी इस मुलाकात के दौरान उन्होंने पीएम मोदी से वर्ष 2०27 में हरिद्वार में होने वाले भव्य अद्र्धकुंभ के लिए 35०० करोड़ रुपये की सहायता मांगी और वर्ष 2०26 में आयोजित होने वाली नंदा देवी राजजात यात्रा में प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया। इसके साथ ही यात्रा में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 4०० करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी आग्रह किया है। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री से केदारनाथ व बदरीनाथ धाम की भांति ही हरिद्वार गंगा कारिडोर, ऋषिकेश गंगा कोरिडोर और चंपावत में शारदा कारिडोर मास्टर प्लान के अनुरूप अवस्थापना विकास के लिए सीएसआर के माध्यम से वित पोषण कराने का अनुरोध किया।
केन्द्र सरकार के साथ ऐसा अनूठा समन्वय उत्तराखण्ड किसी पिछली सरकार ने स्थापित किया हो ऐसा प्रतीत नहीं होता। मौजूदा पुष्कर सिंह धामी सरकार के राज में केंद्र सरकार के साथ समन्वय का एक अलग ही रूप देखने को मिला है। जानकार इस समन्वय को दो सरकारों के बीच के रूप में नहीं बल्कि दो मित्रों के बीच की सुझबुझ और उनके स्नेह के रूप में देखते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जब भी एक दूसरे से मिलते हैं, तो उनका दोनों का अंदाज कुछ अलग ही होता है और जब वह साथ बैठकर मुस्कुराते हैं, तो उनकी मुस्कान के मायने ही कुछ अलग लगाए जाते हैं, जो उनके विरोधियों को सोचने को मजबूर कर देते हैं कि कहीं यह उनके लिए किसी खतरे का संकेत तो नहीं?

LEAVE A REPLY