देहरादून(संवाददाता)। मुख्यमंत्री उत्तराखंड में हों या दिल्ली में हों उनका एक्शन कभी नहीं रूकता और वह राज्य हित के लिए अफसरों को अपने सामने लाकर उन्हें सीधा संदेश देते है कि राज्य को नंबर वन बनाने के लिए सब सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करें। मुख्यमंत्री की कार्यशैली को लेकर राज्यवासी इसलिए भी कायल है कि वह जानते है कि उनका मुखिया एक बड़े विजन का राजनेता है और वह चाहे कहीं पर भी हों लेकिन राज्य को शांत रखने और किसी भी समारोह को शुरू होने से पहले वह अपनी सारी बिसात बिछा देते है जिससे की हरतरफ एक ही संदेश जाये की मुख्यमंत्री हमेशा अलर्ट मोड़ में रहते है। मुख्यमंत्री दिल्ली में है और उन्होंने वहीं से ही राज्य की कानून व्यवस्था से लेकर कांवड यात्रा की तैयारियों को लेकर अफसरों के साथ बड़ा महामंथन किया और उन्हें दो टूक कहा कि आगामी तीन दिनों में कांवड मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा कर अपने अपने विभागों की कार्ययोजना को अंतिम रूप दें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी कांवड़ मेला-2०25 की तैयारियों को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने पूर्व वर्षों की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर कानून व्यवस्था की दृष्टि से उत्पन्न हुई चुनौतियों का विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करने को कहा, ताकि इस वर्ष किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि इस विशाल धार्मिक आयोजन में किसी भी प्रकार की तोडफ़ोड़, उपद्रव या अन्य अवांछनीय घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। शिविर संचालकों, कार्यरत व्यक्तियों, वॉलंटियर और होटलध्धर्मशालाओं में ठहरने वाले व्यक्तियों का पूर्ण सत्यापन कराया जाए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रमुख स्थलों पर एक्सरे सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, फायर टेंडर एवं कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही खाद्य व पेय पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए पुख्ता इंतजाम करने को कहा। भीड़ प्रबंधन में वॉलंटियर्स की मदद लेने, सीसीटीवी व ड्रोन से निरंतर निगरानी और अभिसूचना तंत्र को सक्रिय रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर यातायात व्यवस्था अलग से प्लान बनाकर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवादी खतरों को मद्देनजर रखते हुए एटीएस और विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार के घाटों, नीलकंठ महादेव मंदिर अन्य प्रमुखस्थलों पर एम्बुलेंस व बैकअप की व्यवस्था करने, सादे वस्त्रों में महिला व पुरुष सुरक्षाकर्मियों की पर्याप्त तैनाती करने और आपदा राहत उपकरणों से युक्त गोताखोरों व जल पुलिस को अलर्ट मोड पर रखने को कहा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर तेज ध्वनि विस्तारक यंत्रों, डीजे व लाउडस्पीकर के उपयोग को नियमबद्ध किया जाए। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सुधारात्मक कार्य किए जाएं। कांवड़ यात्रियों को ‘क्या करें और क्या न करेंÓ की जानकारी पेम्फलेट, होर्डिंग, पब्लिक अनाउंसमेंट और सोशल मीडिया के माध्यम से दी जाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवडिय़ों को लाठी, डंडा, नुकीली वस्तुएं आदि ले जाने से रोकने के लिए प्रचार अभियान चलाने को कहा। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों में मादक पदार्थों, शराब एवं मांस की बिक्री पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने और समुचित बिजली, पानी, चिकित्सा जैसी आधारभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला कांवडिय़ों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनकी सुरक्षा के लिए महिला घाटों और धर्मशालाओं में विशेष पुलिस प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा गया। अंतर्राज्यीय समन्वय बढ़ाकर सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान करने, सोशल मीडिया पर निगरानी रखते हुए अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने और संबंधित पोस्टों का तत्काल खंडन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय सचिवों और पुलिस महानिरीक्षकों को आगामी तीन दिनों में कांवड़ मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा करने व अपने-अपने विभागों की कार्य योजनाओं को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।

