‘सब पर है मेरी नजर’

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किसी गुस्ताख़ को नहीं बख्शेंगे सीएम
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए चार साल पहले ही एक बडा संकल्प ले लिया था और उन्होंने दो टूक संदेश दे दिया था कि राज्य के अन्दर वो सबकुछ खत्म होगा जो पूर्व सरकारों के कार्यकाल में आवाम को देखने को मिलता रहा था। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को वचन दे रखा है कि वह राज्य के अन्दर अपराधी, माफिया, भ्रष्टाचारी, घोटालेबाज, नकल माफियाओं की नाक में नकेल डालकर रखंेगे और राज्य के अन्दर रहने वाला आवाम बेफिक्र रहेगा कि उसे कोई डर नहीं लगता। मुख्यमंत्री का साफ कहना है कि सब पर मेरी नजर है और किसी भी गुस्ताख़ को वह किसी भी कीमत पर नहीं बक्शेंगे। मुख्यमंत्री ने राज्य के चप्पे-चप्पे पर अपनी पैनी नजर बनाई हुई है और शैतानों को यह आभास हो चुका है कि उत्तराखण्ड के दबंग और धाकड सीएम की नजरों से वह बच नहीं पायेंगे इसलिए वह अपने उन धंधों को बंद करके रखेंगे जो वह वर्षों से बेखौफ होकर करते आ रहे थे। धामी राज में अपराधियों और गौकशी करने वालों का क्या अंजाम हो रहा है यह किसी से छिपा नहीं है और पुलिस व अपराधियों के बीच होने वाली मुठभेडों का अगर आकंडा देखे तो उससे साफ नजर आयेगा कि धामी राज में अपराधियों और गौकशी करने वालों का काल युद्ध चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अपना नेटवर्क इतना अभेद बना रखा है कि उनकी नजरों से न तो कोई माफिया बच पा रहा है और न ही खामोशी के साथ घोटाला करने वाला कोई नहीं बच पा रहा है इसलिए आज राज्य के अन्दर एक ही आवाज सुनाई दे रही है कि उत्तराखण्ड में किसी किसी भी गुस्ताख़ को मुख्यमंत्री नहीं बक्शेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिस नये अंदाज में सरकार चलाने का दौर शुरू कर रखा है उसे देखकर बडे-बडे राजनेता भी हैरान हैं कि आखिरकार जिस मुख्यमंत्री को कभी मंत्री पद का अनुभव भी नहीं रहा वह धाकड अंदाज में पिछले चार साल से सरकार चला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्यहित में फैसले लेने के लिए कभी भी यह नहीं सोचा कि वह जो फैसला ले रहे हैं उससे कहीं उनकी राजनीति पर कोई संकट न आ जाये? मुख्यमंत्री ने हर फैसला दबंगता के साथ लिया और पहली बार ऐसा देखने को मिला कि भाजपा हाईकमान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को कभी भी बडे-बडे फैसले लेने के लिए दिल्ली नहीं बुलाया और उन्हें राज्य के अन्दर फ्रीहैंड किया हुआ है कि वह राज्यहित में जो भी फैसला लेना चाहे लेते रहें। मुख्यमंत्री ने राजधानी से लेकर चम्पावत तक अपनी नजरें शैतानों पर लगा रखी हैं और वह साफ संदेश देते आ रहे हैं कि हर एक शैतान पर उनकी नजर है। मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हर गुनाहगार गुनाह करने से डरने लगा है और उसे यह आभास हो गया है कि दबंग मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी के होते हुए उत्तराखण्ड में एक भी गुनाह करना अपना काल बुलाने के समान है।
मुख्यमंत्री ने अपराधियों, माफियाओं के मन में जहां एक बडा डर पैदा किया हुआ है वहीं आम जनमानस को वह अपना परिवार मानकर उनके साथ खडे हुये नजर आ रहे हैं। सबसे अहम बात तो यह है कि उनके चार साल के शासनकाल में चौथा स्तम्भ भी अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रहा है और उसे आभास हो गया है कि पुष्कर राज में वह अपनी कलम को आजादी के साथ चला सकते हैं और उनका कोई कुछ नहीं कर पायेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड को 2025 तक गुलजार करने का जो बडा संकल्प लिया था उसे वह साकार करते हुए तेजी के साथ आगे बढते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की चाणक्य राजनीति के चक्रव्यूह में विपक्ष हमेशा उस समय फंस जाता है जब राज्य के अन्दर कोई भी चुनाव आता है तो विपक्ष दावे करता है कि चुनावी रणभूमि में वह भाजपा को ढेर कर देंगे लेकिन उनका यह दावा उस समय टॉय-टॉय फिस्स हो जाता है जब चुनाव परिणाम सामने आता है। मुख्यमंत्री का राजनीतिक वजूद जिस तेजी के साथ उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक बढ़ता जा रहा है उसको लेकर हर तरफ एक ही आवाज सुनाई दे रही है कि मुख्यमंत्री राजनीति के वो चमकते सितारे हैं जो कभी बुझेंगे नहीं।

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