नैनीताल(संवाददाता)। राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने अपने कुमाऊं दौरे के दौरान उप कारागार हल्द्वानी का निरीक्षण किया तथा उन्होंने वहाँ महिला कैदियों को मिलने वाली व्यवस्थाओं/सुविधाओं का जायजा लिया और महिला कैदियों से वह खुद रूबरू हुई।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला कैदियों से उनकी समस्याओं के बारे में रूबरू हुई। उपकारागार में उन्होंने महिला कैदियों को जेल में दी जा रही मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार पाण्डेय ने बताया गया कि उपकारागार में वर्तमान में 77 महिला कैदी रह रही हैं। आयोग की अध्यक्ष ने महिला कैदियों को खाने-पीने के लिए दिया जाने वाला भोजन, चिकित्सकीय उपचार व अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महिला कैदियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उनका यहां आने का केवल एक ही उद्देश्य है कि वे महिला कैदियों की समस्याओं से रूबरू हो सकें व उनकी समस्याओं का निवारण करा सकें। यदि किसी भी महिला कैदी को यहां रहने में किसी प्रकार की कोई परेशानी हो, तो वे बेझिझक उन्हें बता सकती हैं। उन्होंने कहा जेल में कैदी महिलाओं को स्वरोजगार हेतु जोडने का कार्य किया जा रहा है ताकि जेल से बाहर आकर महिलायें अपना स्वरोजगार कर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकें। उन्होंने कहा कि इसके लिए जेल में महिलाओं के लिए रोजगार परक प्रशिक्षण तथा उन्हें व्यवसाय के उद्देश्य से कच्चा सामन दिया जायेगा ताकि कैदी महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ कर उनके बने समान को बाजार तक पंहुचाया जाए, निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन द्वारा उन्होंने कहा की कैदियों को जो व्यवस्थायें दी रही है उन व्यवस्थाओ से संतुष्ट है तथा प्रशासन पूरी मेहनत से अपना कार्य कर रहा है। इस दौरान आयोग की अध्यक्ष ने महिला बैरक में पौधारोपण भी किया। साथ ही आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा राज्य की महिलाओं की सशक्तिकरण हेतु महिला नीति तैयार की है जिसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 नवम्बर को जल्दी लागू करवाने की घोषणा की है। आयोग की अध्यक्ष ने बताया की आयोग ने जो महिला नीति तैयार की है उसे प्रदेश की मातृशक्ति के समग्र विकास एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से देवभूमि में महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने हेतु इस योजना को तैयार किया है। इस महिला नीति से महिलाओं को सामाजिक, राजनैतिक तथा आर्थिक तौर पर सशक्त करना है।
