कैबिनेट मंत्री महाराज पर फूटा कांग्रेस का गुस्सा

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देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने कहा है कि प्रदेश भर में भारी बारिश के चलते जल प्रलय से त्राहिमाम त्राहिमाम की स्थिति बनी हुई है और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री व हरिद्वार के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज एक बार भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने नहीं गये और ऐसे मंत्री को तत्काल प्रभाव से मंत्रिमंडल से हटा दिया जाना चाहिए।
यहां कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है और उन्होंने खुद बाढ प्रभावित क्षेत्रों का दो दिन तक भ्रमण किया और लोगों की समस्यायें सुनी। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए चारा नहीं है और बच्चों के लिए दूध नहीं है और वहीं अस्पताल में ढाई से तीन फीट तक पानी भरा हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार समय पर नहीं जागी है और पूर्व की भांति इस बार बाढ की कोई सूचना प्रचारित नहीं कराई और पिछले पचास सालों से सर्वाधिक पानी आया है और उसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया और लोनिवि, आपदा,बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई मंत्री व हरिद्वार के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज प्रभावित क्षेत्र में आज तक नहीं पहुंचे है और प्रदेश में 5०० सडकें टूट गई है और इतनी ही बंद पडी है और अब तक 29 पुल टूटे है और सेफ्टी ऑडिट सरकार ने कराया था जिनमें से 36 पुलों को खतरा बताया और कोटद्वार का मालन नदी का पुल भी इसमें से एक है और कोई नया पुल नहीं बनाया गया है और यही हाल सडकों के है। उन्होंने कहा कि अल्मोडा हल्द्वानी खैरना के पास वर्ष 2०21 में टूटी सडक की आज तक कोई दीवार तक नहीं बनी है और वहीं दूसरी ओर धर्मगुरू व मंत्री सतपाल महाराज आज तक चारधाम यात्रा में किसी भी मंदिर में नहीं गये है और प्रवचन के दौरान मानव सेवा ासबसे बडा धर्म है की बात करते है लेकिन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की कोई सुध नहीं ली है जबकि उनके भाई भोले महाराज व उनकी पत्नी के साथ जनता की सेवा कर रहे है और स्कूलों की मदद कर रहे है लेकिन मंत्री सतपाल महाराज अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी का वीडियो जो वायरल हुआ है उसमें वह साफ आपदा सचिव को डांट रही है कि अवैध खनन से मालन नदी का पुल ध्वस्त हुआ है और उन्होंने कहा कि जब राजधानी से 6० किलोमीटर तक मंत्री नहीं जा रहे है तो प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों का क्या हाल होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है और सभी जिलाध्यक्षों को प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए कहा गया है और वहीं उन्होंने राज्यसभा सांसद नरेश बंसल के बयान पर नाराजगी जताते हुए उन्हें जनता से माफी मांगने की सलाह दी है। वहीं सचिव पंकज पांडेय की भूमिका पर भी उन्होंने सवाल खडे किये है और कहा कि एनएच 74 में भी सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था और अब वह जांच की बात कह रहे है। इस अवसर पर वार्ता में मथुरादत्त जोशी, गरिमा दसौनी, नवीन जोशी, याकूब सिददीकी, सेनि कैप्टन बलवीर सिंह रावत, शीशपाल सिंह बिष्ट, अमरजीत सिंह, विकास नेगी, नवनीत सती आदि शामिल रहे।

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