बारिश ने तोड़ा सात साल का रिकॉर्ड

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में हो रही बारिश से आवाम के सामने एक बडा संकट आकर खडा हो गया है और राजधानी के कई इलाकों में जिस तरह से जलभराव हुआ है उससे लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर हो रखे हैं हालांकि सिस्टम के अफसर लगातार जलभराव वाले इलाकों पर अपनी नजरें बनाये हुये हैं और वहां वह इलाकों से पानी खाली कराने का ऑपरेशन चला रहे हैं लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण यह ऑपरेशन सफल नहीं हो पा रहा है।
राजधानी दून में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने सात साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अधिकतम तापमान में भी तीन डिग्री कमी दर्ज की गई है। 24 घंटे के आंकड़ों पर नजर डालें तो देहरादून में 118 एमएम बारिश हुई। जबकि, वर्ष 2०15 में यह आंकड़ा 114.7 एमएम दर्ज किया गया था। 24 घंटे के आंकड़ों के अनुसार दून में 45० फीसदी अधिक बारिश हुई। मानसून में इस दिन सामान्य 21.5 एमएम की बारिश होती है। जबकि, हरिद्वार जिले में सबसे अधिक 154.2 एमएम और सबसे कम अल्मोड़ा जिले में 2.6 एमएम बारिश हुई। वहीं, बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। इनमें सैकड़ों लोग अपने ही घरों में कैद हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने इन घरों से 1०० से अधिक लोगों को बाहर निकाला। पुलिस का यह अभियान सुबह से लेकर शाम तक जारी रहा। कई जगहों पर एसडीआरएफ की भी मदद ली गई। इन लोगों को स्थानीय आश्रय स्थलों में ठहराया गया है। रातभर हुई बारिश के बीच जब सुबह आंख खुली तो सैकड़ों लोगों के लिए घरों से निकलने का कोई रास्ता न बचा। चारों ओर पानी ही पानी था। चीख-पुकार मची तो कुछ लोगों ने पुलिस को फोन किया। पहला मामला पटेलनगर थाना क्षेत्र के भूड़पुर गांव का था। इंस्पेक्टर पटेलनगर सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि इस गांव में तीन घरों के चारों ओर पानी भर गया था। घरों में भी पानी आ गया था। इससे लोग परेशान हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मानव श्रंखला बनाकर रस्सियों के सहारे इन तीन घरों के 17 लोगों को बचाया गया। इसी बीच दूसरी कॉल क्लेमेंटटाउन थाने को आई थी। यहां पर कश्मीरी कॉलोनी, ब्रह्मपुरी बस्ती के आसपास के घरों में ब्रह्मपुरी नाले का पानी घुस गया था। यहां के लगभग 25 परिवार फंस गए थे। एसओ क्लेमेंटटाउन शिशुपाल सिंह राणा ने बताया कि इन घरों के लगभग 9० लोगों को बचाया। इस दौरान कई स्थानों पर एसडीआरएफ भी पहुंची थी। बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया। इसके चलते कई जगह ट्रैफिक जाम की दिक्कतें भी देखने को मिलीं। खासकर आईएसबीटी चौक, रेलवे स्टेशन चौक, माजरा चौक, प्रिंस चौक, एस्लेहॉल चौक समेत शहरभर के फ्लाईओवरों की सर्विस लेन पर जलभराव होने से दोपहिया चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उत्तराखंड के आठ जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, अन्य पांच जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया। मौसम विभाग ने चमोली, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चम्पावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में बारिश का रेड अलर्ट और उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून, हरिद्वार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, सभी जिलों में बिजली चमकने और तेज गर्जना के साथ कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश की संभावना है।

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