देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता व पौडी लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे मनीष खंडूड़ी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वह देशभक्त की व्याख्या बतायें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे को देशभक्त बताया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करती रहेगी। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या करने वाला भी क्या देशभक्त है भाजपा को इसका जवाब देना होगा।
यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है। उन्होंने कहा कि आखिर देशभक्त क्या है पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को इसकी व्याख्या करनी चाहिए और इसके लिए उन्होंने उन्हें खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने पूरे साम्राज्य के लिए लडाई लडी और देश को आजाद कराने में अहम योगदान दिया और खूनी इंसान को देशभक्त की संज्ञा देना कहा तक उचित है। उन्होंने कहा कि क्या अंकिता भंडारी की हत्या करने वाला देशभक्त है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जिनका नाम मोहन दास करमचन्द गांधी है वह देश की पहचान है। उन्होंने कहा कि एक हत्यारे को देशभक्त कहना दुर्भाग्यपूर्ण है और उन्होंने भाजपा से मांग करते हुए कहा कि उन्हें भाजपा से निष्कासित किया जायेगा।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा है कि पूरे देश को झकझोरने वाली बात है कि चीन देवभूमि की सीमा पर हरकतें देखी गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना होगा क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुडा हुआ मामला है। उन्होंने कहा कि भाजपा में अनपढ़ प्रवक्ता है जिन्हें यह नहीं दिख रहा है कि और कांग्रेस पर अफवाह फैलाने आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में लगातार इसका उल्लेख किया गया है लेकिन 4० किलोमीटर दूर कहीं न कहीं गडबड है और सेटेलाइट से भी इसके बारे में समाचार प्रकाशित किये गये है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के बार्डर में घुसपैठ से वह सुरक्षित नहीं है और वहां पर चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी ने कब्जा किया है। उन्होंने कहा कि यह मामला देश की सुरक्षा से जुडा है और यह गंभीर चिंतन का विषय है और केन्द्र व राज्य सरकार इस पर ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि लगातार नफरती वक्तव्य दिये जा रहे है और बाजारों को बंद किया जा रहा है तथा पुलिस मौन है और दोहरी प्रणाली को अपनाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डाक्टर गीता खन्ना संवैधानिक पद पर रहते हुए हिन्दू की रक्षा के लिए चंदा जुटाने का काम कर रही है और उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि आयोग अध्यक्ष ने पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है इसलिए उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। इस अवसर पर वार्ता में मनीष खंडूडी, गरिमा दसौनी, शीशपाल सिंह बिष्ट, अमरजीत सिंह, अनिल नेगी, पूनम कंडारी आदि शामिल रहे।