ये कैसा जल जीवन मिशन!

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पुरोला (उत्तरकाशी)। विभाग व ठेकेदार की मिलीभगत से निर्माण मानकों की अनदेखी के चलते विद्यालय में विगत 2वर्षों से पेयजल आपूर्ति बाधित होने का खामियाजा यहां अध्ययन करने वाले नौनिहालों को प्यासे रहकर भुगतना पड़ रहा है।। अभिभावक अब पूछ रहे है साहब यह कैसा जल जीवन मिशन,लाखों रूपये की लागत से पेयजल लाइन निर्माण होने के बाद भी पानी की टेंशन बरकरार है।
जी हां ऐसा ही एक मामला यमुनाघाटी के नौगांव विकास के ग्राम पंचायत भंकोली में सामने आया है। शिकायत करने के बाद भी जब विभागीय अधिकारी ने कोई संज्ञान नहीं लिया तो आक्रोशित अभिभावकों ने मामले की उप जिलाधिकारी पुरोला से शिकायत कर उचित कार्रवाई की मांग की है। मामला नौगांव विकास खंड के ग्राम पंचायत भंकोली के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पेयजल आपूर्ति बाधित होने का है जहाँ विगत दो साल से पेयजल आपूर्ति ठप है। अध्यापक अभिभावक समिति ने उप जिलाधिकारी पुरोला को ज्ञापन भेजकर मामले की शिकायत कर दोषी विभागीय अधिकारी एवं ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा पेयजल आपूर्ति बहाल करने मांग की है। उप जिला अधिकारी को प्रेषित ज्ञापन में कहा गया है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत वर्ष 2०21 में विद्यालय में पेयजल की सुचारु एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पेयजल लाइन निर्माण किया गया लेकिन विभागीय ठेकेदार द्वारा पेयजल लाइन निर्माण में लापरवाही बरतने व निम्न गुणवत्ता के कार्य करने से पेयजल की आपूर्ति बाधित है। निर्माण कार्यों का आलम यह है कि ठेकेदार द्वारा जल जीवन मिशन के पहले चरण के तहत मानकों को दरकिनार कर जमीन के ऊपर खुले में जो पाइप लाइन बिछाई गई वह खुद निर्माण कार्यों में बर्ती गई लापरवाही की चुगली करती नजर आती है। उप जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इस संबंध में अध्यापक एवं अभिभावक समिति द्वारा दस दिसंबर 2०21 तथा चार मार्च 2०22 को लिखित रूप में जल संस्थान पुरोला के अधिशासी अभियन्ता को पत्र भेजा गया है। लेकिन कोई सुध नहीं ली गई। दो साल बाद तक समस्या का समाधान न होने पर आक्रोशित अभिभावकों ने एसडीएम पुरोला को ज्ञापन दिया है। अभिभावकों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा “जल जीवन मिशन” के तहत विद्यालय में खुली लाइन से पेयजल कनेक्शन दिया गया, लाइन अब जगहदृजगह से टूट गई है। लाइन टूटने के कारण विद्यालय में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। स्कूल में पानी न आने के कारण शिक्षकों व छात्रदृछात्राओं को पानी के लिए दो किमी दूर जाना पड़ रहा है लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है।बच्चे हर रोज 2 किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी लाने को मजबूर हैं। जिससे बच्चों के पठनदृपाठन का समय पानी लाने में ही बीत जाता है। समिति ने एसडीएम पुरोला देवानंद शर्मा से समस्या के समाधान की गुहार लगाई है। ज्ञापन में विजय पाल,जयपाल सिंह,बचन सिंह,चन्द्र सिंह,दीवान सिंह,प्रकाश लाल,पुरन दास,यशपाल ,पिन्टू लाल,बाबुराम,अनोज लाल,रमेश,रणवीर आदि अभिभावकों एवं ग्रामीणों हस्ताक्षर हैं।

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