देहरादून(नगर संवाददाता)। हर साल चौत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को महावीर जयंती मनाई जाती है। इस अवसर पर जैन समाज के लोगों विभिन्न झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली और जहां समाज के लोगों ने जगह जगह स्वागत किया और शोभायात्रा से जाम लगा रहा और लोगों को परेशानियों का सामना करना पडा।
यहां जैन धर्मशाला से शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया और इस दौरान शोभायात्रा निकाली गई और विभिन्न मार्गों से होते हुए शोभायात्रा वापस जैन धर्मशाला में पहुंचकर समाप्त हुई और इस दौरान जैन समाज की महिलाओं ने जमकर नृत्य किया और भगवान महावीर के संदेशों का प्रचार प्रसार किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का जन्म बिहार के कुंडाग्राम में हुआ था। भगवान महावीर के बचपन का नाम वर्धमान था। कहा जाता है कि 3० वर्ष की आयु में इन्होंने राज महलों के सुख को त्याग कर सत्य की खोज में जंगलों की ओर चले गए। वक्ताओं ने कहा कि आज उनके विचारों व संदेशों को जीवन में उतारने की जरूरत है। इस अवसर पर जैन समाज के अनेकों लोग शामिल रहे।