निर्माणाधीन चिकित्सा इकाइयों का प्रभारी सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने किया औचक निरीक्षण

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देहरादून/हरिद्वार(संवाददाता)। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने व इसका लाभ आम-जन को पहुंचाने हेतु स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में प्रभारी सचिवचिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग व एनएचएम, मिशन निदेशक डॉ. आर राजेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गतनिर्माणाधीनकैंसर अस्पताल, हर्रावाला, देहरादून,शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,भूपतवाला,हरिद्वार वमातृ एवं शिशु स्वास्थ्यविंग, महिला चिकित्सालय, हरिद्वार का औचक निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गतहर्रावाला, देहरादून में 1०6 करोड़ रुपये की लागत सेबन रहे 3०० बेड का यह कैंसर अस्पतालशकुंतला रानी सरदारी लाल ओबरॉय राजकीय मेटरनिटी कैंसर चिकित्सालय के नाम से स्वीकृतहै।कैंसर चिकित्सालय के निर्माण एजेंसीने प्रभारी सचिव डॉ. आर राजेश कुमार को अवगत कराया कि लगभग 55 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और मार्च 2०23 तक कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। निरीक्षण के दौरानधीमी प्रगति पर प्रभारी सचिव डॉ. आर राजेश कुमार द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई तथानिर्देशित किया गया किशीघ्र-अति शीघ्रगुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा कर लिया जाए। इसके उपरांत प्रभारी सचिव ने जनपद हरिद्वार में 9.5 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 3० बेडड शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,भूपतवाला का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव द्वारा पाया गया कि निर्माणकार्य काफी धीमी गति से हो रहा है जिस पर प्रभारी सचिव ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्माणाधीन एजेंसीको जून 2०23 की तय समय-सीमा तक पूर्ण कार्य करने को निर्देशित किया गया।
प्रभारी सचिव डॉ. आर राजेश कुमारइसके उपरांत 39 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 2०० बेडडमातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग, महिला चिकित्सालय, हरिद्वार पहुंचे।जहां प्रभारी सचिव द्वारा निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन एजेंसीसे जानकारी ली। एजेंसीद्वारा बताया गया कि, निर्माण कार्य मार्च 2०23 तय समय-सीमा तक पूर्ण कर लिया जाएगा। प्रभारी सचिव ने निर्माण एजेंसीसे जिला अस्पताल, हरिद्वार को महिला अस्पताल से जोडऩे के लिए कनेक्टिंग कॉरिडोर का प्रस्ताव शीघ्र-अतिशीघ्र विभाग को भेजने की बात कही। प्रभारी सचिवडॉ. आर राजेश कुमार ने डॉ. कुमार खगेंद्र सिंह मुख्य चिकित्साधिकारी, हरिद्वार को निर्देशित किया कि वह सभी कार्यों की विकास प्रगति हर 15 दिन के भीतर अवगत कराएं तथा निर्माण कार्यों के पूरे होने से पूर्व उक्त सुविधाओं में आने वाली चिकित्सा उपकरणों तथा मानव संसाधन का प्रस्ताव शीघ्र शासन को प्रेषित करें, ताकि तय समय पर निर्माण कार्य पूरा होते ही आमजन को लाभ मिलना आरंभ हो जाए। जो कि इन चिकित्सा इकाइयों के निर्माण का मुख्य उद्देश्य है। इस दौरान प्रभारी सचिव द्वारा महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया गया तथा बाल रोग विशेषज्ञोंकी कमी होने पर शीघ्र ही बाल रोग विशेषज्ञों कोबढ़ाने की बात कही। इसके बाद प्रभारी सचिव द्वारा जगजीतपुर, हरिद्वार में बन रहे मेडिकल कॉलेजका भी निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था से जानकारी ली।

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