सरकार ने बदले राजधानी के डीएम-कप्तान

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देहरादून(संवाददाता)। कावंड यात्रा का आगाज हो चुका है और राज्य में सभी जिलों के डीएम व पुलिस कप्तानों को यह इल्म है कि यात्रा के दौरान कभी भी सरकार ने अफसरों के तबादलों को लेकर अपनी हरी झण्डी नहीं दी लेकिन आज उत्तराखण्ड में जहां चारो ओर हरेला पर्व की धूम से आवाम आनंदमय दिखाई दिया वहीं सरकारी छुट्टी के दिन पुष्कर सरकार ने जिस तरह से अस्थाई राजधानी के डीएम व पुलिस कप्तान को जिले से आउट करने का आदेश जारी किया तो सरकार के इन तबादलों से राज्य का अधिकांश सरकारी सिस्टम हिल गया और उसके बाद छुट्टी और कांवड के बीच हुये इन दो तबादलों को लेकर राजधानी से लेकर पिथौरागढ़ तक में एक बहस शुरू हो गई कि आखिरकार सरकार को कांवड में दो तबादलों के लिए आखिर क्यों आगे आना पडा? हालांकि यह अभी एक रहस्य ही है लेकिन जिस तरह से चंद दिन पूर्व डीएम से स्मार्ट सिटी का काम हटा लिया गया था उसके बाद से ही यह बात साफ हो गई थी कि स्मार्ट सिटी का काम वही सम्भाल सकता है जो मौजूदा डीएम होगा और यह बात आज सरकार के तबादले से सच भी साबित हो गई। वहीं राजधानी में पुलिस के अन्दर चल रहे कुछ खेल की गंूज बार-बार सरकार के कानो तक पहुंच रही थी और इस रहस्यमय खेल से सरकार भी कहीं न कहीं असहज नजर आ रही थी जिसके चलते सम्भवत: छुट्टी के दिन पुष्कर सरकार को डीएम व पुलिस कप्तान के तबादलों को हरी झण्डी दी गई।
उल्लेखनीय है कि जबसे राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है तबसे ही राज्य के गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो रहा था कि सरकार आने वाले कुछ समय के भीतर कुछ जिलों के डीएम व पुलिस कप्तानों को बदलने के लिए हरी झण्डी देगी। चर्चा यहां तक उठती रही कि पुष्कर सरकार ने अफसरों की पोस्टिंग को लेकर अपना लम्बा मंथन व ंिचतन कर लिया है और जल्द तबादलों को अन्तिम रूप दे दिया जायेगा। हालांकि इसी बीच राज्य में कांवड यात्रा का आगाज हो गया और आस्था की इस यात्रा को लेकर समूचे राज्य की अफसरशाही में यह संदेश था कि कांवड यात्रा के बाद ही सरकार जिलों में तबादलों को लेकर अपने कदम आगे बढा सकती है? उत्तराखण्ड के अन्दर उन चर्चाओं ने विराम दे दिया था जिसमें यह कहा जा रहा था कि कुछ जिलों के डीएम व पुलिस कप्तान अब कांवड यात्रा के बाद ही सम्भवत: बदले जायेंगे। ऐसी सभी चर्चाओं को हवा में उडाते हुए पुष्कर सरकार ने आज अस्थाई राजधानी के डीएम डा० आर राजेश कुमार व जिले के पुलिस कप्तान जनमंजेय खण्डूरी को जिले से आउट करने का संदेश जारी कर दिया। डीएम व पुलिस कप्तान को हरेला पर्व की छुट्टी के बावजूद जिस तरह से हटाने के आदेश दिये गये उससे राज्य के अधिकांश अफसरों को यह समझ ही नही ंआया कि आखिर अचानक कावंड यात्रा और हरेला पर्व की छुट्टी के दिन सरकार को इन अफसरों को हटाने के लिए क्यों आदेश करने पड गये? हालांकि यह तो लम्बे समय से माना ही जा रहा था कि राजधानी के डीएम व पुलिस कप्तान को हटाने के लिए सरकार आगे आ सकती है लेकिन कांवड यात्रा के बीच जिस तरह से डीएम व पुलिस कप्तान को पुष्कर सरकार ने हटाने के आदेश दिये उससे उत्तराखण्ड का समूचा सिस्टम हिल गया और कहीं न कहीं पुष्कर सिंह धामी के इस फैसले को भी एक मास्टर स्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है? उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ ऐलान कर रखा है कि राज्य के अन्दर पारदर्शिता के साथ सरकार चलेगी और यही कारण है कि मुख्यमंत्री की किचन टीम भी राज्य को स्वच्छता के साथ चलाने के लिए अपना तीसरा नेत्र भी खोले हुए है जिससे कि राज्य के अन्दर कहीं पर भी अगर कोई खेल होता हुआ नजर आये तो उसका लेखा जोखा राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की टेबल पर हो। कुल मिलाकर कहा जाये तो कांवड यात्रा के बीच डीएम व पुलिस कप्तान के हुये तबादलों ने सरकारी सिस्टम में एक बडी हलचल पैदा कर दी है?

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