मुख्यमंत्री के खिलाफ साजिशों का खेल टॉय-टॉय फिस्स!

0
9

देहरादून(संवाददाता)। मुख्यमंत्री दुनिया के ताकतवर राजनेता नरेन्द्र मोदी के लॉडले और उनके छोटे भाई के रूप में विख्यात हो चुके हैं और अपने छोटे भाई के उत्तराखण्ड को प्रधानमंत्री हमेशा विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए नई-नई विकास योजनायें तोहफे के रूप में देते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री के दबंग और धाकड अंदाज से आज अपराधी, माफिया, दलाल और भ्रष्टाचारी घबराये हुये हैं तो वहीं कुछ समय से राज्य के अन्दर एक साजिश के तहत अस्थिरता फैलाने का बडा चक्रव्यूह रचा जा रहा है लेकिन इस चक्रव्यूह को देश के प्रधानमंत्री ने उस समय नेस्तनाबूत कर दिया जब उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार के शानदार तीन साल के कार्यकाल पर मुख्यमंत्री को कर्मठ और ऊर्जावान का ताज पहनाकर अपना एक संदेश दिया। प्रधानमंत्री के इस संदेश ने तो उन साजिशकर्ताओं की नींद उडा दी जो राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का भोपू बजाने की साजिश मे जुटे हुये थे। मुख्यमंत्री के पास प्रधानमंत्री का संदेश आते ही उन्होंने जिस दबंगता के साथ दायित्व बांटने के लिए अपनी हरी झंडी दी उससे यह बात साफ हो गई कि मुख्यमंत्री की सत्ता अभेद थी, अभेद है और अभेद ही रहेगी।
तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चि_ी कोई सामान्य पत्र नहीं है। यह पत्र उन बयानवीरों के लिए एक बड़ा झटका है जो प्रदेश में सियासी अस्थिरता का मंसूबा पाले हुए हैं। ऐसा पहली बार हुआ कि प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखण्ड के किसी मुख्यमंत्री को कार्यकाल का महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा करने पर बाकायदा चि_ी भेजकर शुभकामना दी है। सिर्फ शुभकामनाएं ही नहीं दी बल्कि उनकी भरपूर प्रशंसा भी की है। इस चि_ी में लिखी पंक्तियों से परे इसके जरिए दिया गया संदेश सभी को समझ आ रहा है। संदेश सरकार की स्थिरता को लेकर है। ऐसी ही स्थिति में कहा जाता है कि कभी-कभी ‘पंक्तियों के बीच भी पढ़ा जानाÓ चाहिए। उत्तराखण्ड में भाजपा के चंद बड़े नेताओं की बयानबाजी से राजनैतिक पारा चढ़ा हुआ है। हाल के दिनों में मंत्री से लेकर सांसद के कुछ ऐसे बयान आए जिससे न सिर्फ सामाजिक एकता प्रभावित हुई बल्कि राजनीतिक रूप से स्थिति को असामान्य बनाने के भरपूर प्रयास किए गए। एक ऐसा नेरेटिव बनाने का भी प्रयास हुआ कि स्थितियां बेकाबू हो चुकी हैं और अब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन होना तय है। कुछ छत्रप दिल्ली तक दौड़ लगाने लगे। शक्ति प्रदर्शन के लिए महफिल तक आयोजित की गई। शांत स्वभाव के धामी ने विपरीत परिस्थिति में भी धैर्य बनाए रखा और विचलित हुए बगैर राजकाज व कामकाज से जुड़ी गतिविधियां निरन्तर जारी रखीं।
राज्य में उठापटक की यह कोशिशें ठीक उस वक्त हुईं जब धामी सरकार अपना तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा करने का जश्न मना रही थी। कयास लगाए जा रहे थे कि क्या वाकई भाजपा हाईकमान उत्तराखण्ड में नेतृत्व परिवर्तन का मन बना चुका है या फिर यह सिर्फ अफवाह मात्र है। अस्थिरता के इस माहौल के बीच बीत रोज एक अप्रैल को सार्वजनिक हुई एक चि_ी ने बयानवीरों की बोलती बंद कर दी। यह चि_ी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजी थी। इस चि_ी में प्रधानमंत्री ने धामी सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर बधाई दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बधाई संदेश में सीएम पुष्कर सिंह धामी को कर्मठ व ऊर्जावान बताया। चि_ी में प्रधानमंत्री ने लिखा, सीएम धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के तीन वर्ष सेवा, सुशासन और विकास के रूप में समर्पित रहे हैं, जो राज्य के उत्थान में एक बड़ी उपलब्धि है। अपनी विरासत पर गर्व के भाव के साथ आगे बढ़ता हुआ उत्तराखंड आज विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। जनशक्ति से यह दशक उत्तराखंड का होगा। जिसमें प्रदेश विकास के नए कीर्तिमान गढ़ेगा।
इस चि_ी का संदेश सिर्फ मुख्यमंत्री धामी को बधाई तक सीमित नहीं है इसमें स्थिरता का मैसेज भी है। जरा गौर करिए ! 23 मार्च को धामी सरकार ने अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे किये, लेकिन 29 मार्च को पीएमओ की ओर से चि_ी जारी हुई, जो तीन दिन बाद सार्वजनिक की गई है। इस चि_ी के कई मायने निकाले जा रहे हैं। यह पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की खुलकर तारीफ की है वह सार्वजनिक मंचों पर पहले भी कई बार उनकी पीठ थपथपा चुके हैं। बीते माह शीतकालीन यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर पीठ थपथपाई थी। उन्होंने सीएम को ‘छोटे भाईÓ और ‘ऊर्जावानÓ मुख्यमंत्री कह कर संबोधित किया तो जब जहां मौका मिला उन्हें शाबाशी देकर प्रोत्साहित किया था। भाषण खत्म कर मुख्यमंत्री जैसे ही प्रधानमंत्री के करीब पहुंचे तो पहले तो उन्होंने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। बाद में मुख्यमंत्री की पीठ भी थपथपा दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ पर्दे के पीछे से चाहे कोई भी साजिश रचने का खेल खेलता रहे लेकिन उनका यह खेल सिर्फ साजिशों को हवा देने से ज्यादा कभी कुछ दिखाई नहीं दिया। मुख्यमंत्री दबंगता के साथ फैसले लेने में माहिर हो चुके हैं और वह उन साजिशों को भी नजदीक से पहचानने लगे हैं जो पर्दे के पीछे से कुछ चेहरे रचा करते है। प्रधानमंत्री की चि_ी ने हर उस साजिशकर्ता को बडा संदेश दे दिया है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के अन्दर स्वच्छता और पारदर्शिता से सरकार चला रहे हैं और उनकी सल्तनत एक चट्टान की तरह अडिग रहेगी इसमे अब कोई शक नहीं है।

LEAVE A REPLY