देहरादून। मुख्यमंत्री ने जबसे सत्ता संभाली है तबसे वह किसी भी कार्यक्रम में आये मासूमों को देखकर उनकी ओर खींचे चले आते हैं और उसके बाद वह उन्हें अपना दुलार देने के लिए जिस फलावर रूप से उन्हें प्यार करते हैं उसे देखकर आम जनमानस मुख्यमंत्री को नये युग का राजनेता मानने लगे हैैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने अपने तीन साल के कार्यकाल में मासूम बच्चों से जिस तरह स्नेह करने के लिए आगे आते हैं उसे देखकर मासूम उन्हें अंकल मामा कहते हुए नजर आते हैं। मुख्यमंत्री का मासूम बच्चों से यह स्नेह उन्हें उत्तराखण्ड की सियासत में एक नई पहचान दिला चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मासूमों से दिखाई दे रहा स्नेह राज्य की जनता को यह संदेश दे रहा है कि वह राज्य के नौनिहालों को उत्तराखण्ड का भविष्य मानते हैं जो उत्तराखण्ड को आने वाले समय में एक नई दिशा में ले जाने के लिए आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का साफ मानना है कि हमारे नौनिहाल राष्ट्र के उज्जवल भविष्य के कर्णधार हैं। उनका कहना है कि भावी पीढी के सुनहरे भविष्य के लिए उनका संकल्प है कि हर बच्चे को बेहतर शिक्षा, संस्कार और नये अवसर मिले ताकि वे सशक्त होकर राज्य का नाम रोशन करें। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश में शिक्षा को अधिक समावेशी, व्यवहारिक और रोजगारपरक बनाने के लिए प्रदेश मे नई शिक्षा नीति को लागू किया गया है, साथ ही आधुनिक स्मार्ट क्लास रूम, बेहतर इंफास्ट्रक्चर के माध्यम से हर बच्चे को आधुनिक शैक्षिक वातावरण देने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए सरकार संकल्पबद्ध है और उनके उज्जवल भविष्य के लिए वह बडी रणनीति के तहत काम कर रही है।