देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में पिछले लम्बे समय से धामी सरकार के नये मंत्रिमण्डल को लेकर राज्य के अन्दर जो शोर मचा हुआ है उसकी गूंज दिल्ली तक भी सुनाई दे रही है। मुख्यमंत्री जब भी दिल्ली जाते हैं तो उत्तराखण्ड के अन्दर यह भूचाल मच जाता है कि वह वहां नये मंत्रिमण्डल की रूपरेखा तैयार करने के लिए गये हुये हैं लेकिन पूर्व में मुख्यमंत्री ने अपने दिल्ली दौरे से लौटने के बाद ऐसी बातों को एक सिरे से नकार दिया था। मुख्यमंत्री दिल्ली में हैं और उत्तराखण्ड के अन्दर एक बार फिर यह सुगबुगाहट शुरू हो रखी है कि मुख्यमंत्री अब दिल्ली हाईकमान से भाजपा के नये प्रदेश अध्यक्ष और अपने नये मंत्रिमण्डल का स्वरूप तय करने के लिए वहां उनसे मंथन करेंगे और उसके बाद नवरात्रों में भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष और धामी का नया मंत्रिमण्डल देखने को मिल सकता है? हालांकि नये प्रदेश अध्यक्ष और नये मंत्रिमण्डल को लेकर सिर्फ उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक हवाबाजी का ही शोर सुनने को मिल रहा है क्योंकि जब तक इसकी कोई पुष्टि न कर दे तब तक यह सब एक कयासबाजी से ज्यादा कुछ नहीं माना जा सकता? मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे पर राज्यवासियों की नजर लगी हुई है और उसी के चलते काफी अफसरों की निगाह भी उनके दिल्ली दौरे पर है कि वह अपने नये मंत्रिमण्डल को लेकर क्या एक बडा रिटर्न गिफ्ट उत्तराखण्ड लौटते हुए अपने साथ लायेंगे?
उत्तराखण्ड की राजनीति में इन दिनों एक नई हलचल मची हुई है और इस हलचल में अफवाहों और आशंकाओं का बाजार सजाकर कुछ लोग अपनी पैतरेबाजी से राज्य के अन्दर एक अलग शोर मचाने के एजेंडे पर गुप्त रूप से आगे बढे हुये हैं? सरकार मे शामिल रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने जबसे अपने पद से इस्तीफा दिया है तबसे सोशल मीडिया में यह शोर मचाया जा रहा है कि धामी सरकार के चंद मंत्री भी अपने पद से इस्तीफा दें और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट जिन्होंने एक रैली मे गये लोगों को सडक छाप बताया उन्हें भी अध्यक्ष पद से हटाया जाये। सोशल मीडिया पर पिछले काफी समय से धामी सरकार के नये मंत्रिमण्डल को लेकर अफवाहों और आशंकाओं का भौपू बज रहा है और इस भौपू को बजाने वाले लोगों ने जिस तरह से कुछ मंत्रियों को हटाने और नये विधायकों को मंत्रिमण्डल मे शामिल करने का जो शोर मचा रखा है वह अभी तक तो सिर्फ हवाबाजी से ज्यादा कुछ नजर नहीं आ रहा? सवाल यह तैर रहे हैं कि मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को तो अकसर दिल्ली जाना पडता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह वहां नये मंत्रिमण्डल का स्वरूप तय करने के लिए भाजपा नेताओं से मिलने गये हुये हैं? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चंद दिन पूर्व दिल्ली निजी दौरे पर गये थे लेकिन काफी खबरनवीजों ने यह ढोल पीट दिया था कि वह नये मंत्रिमण्डल के विस्तार के लिए वहां गये थे लेकिन जब मुख्यमंत्री दिल्ली से दून आये तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह दिल्ली निजी दौरे पर गये थे और मंत्रिमण्डल को लेकर वह किसी राजनेता से नहीं मिले।
अब एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली मे हैं तो एक बार फिर सबकी नजरें मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे पर लगी हुई हैं। राजधानी के गलियारों में यह सुगबुगाहट तेजी के साथ हो रही है कि आज मुख्यमंत्री भाजपा हाईकमान और संगठन के नेताओं से मिलकर भाजपा के नये प्रदेश अध्यक्ष और अपने मंत्रिमण्डल के विस्तार को लेकर मंथन करेंगे। हालांकि अभी दिल्ली में संसद सत्र चल रहा है और सभी भाजपा नेता उसमें व्यस्त दिखाई दे रहे हैं ऐसे में यह कहना कि दिल्ली में अब नये प्रदेश अध्यक्ष और नये मंत्रिमण्डल को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भाजपा नेताओं से रूबरू होंगे यह अभी सिर्फ कयासबाजी से ज्यादा कुछ नजर नहीं आ रहा? अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिल्ली से लौटने पर ही सबकी नजरें लगी हुई हैं।