देहरादून(संवाददाता)। डोईवाला के लच्छीवाला टोल प्लाजा पर एक डम्पर द्वारा तीन वाहनों को रौंदने और एक कार को कुचल डालने का जो कृत्य किया उसे देखकर हर कोई सहमा हुआ नजर आ रहा है। टोल प्लाजा पर हुई इस भीषण दुर्घटना में दो लोगों की दर्दनाक मौत से राजधानीवासियों के मन में एक नया भय उत्पन्न हो गया है कि जिस तरह से इस मार्ग पर खनन से भरे वाहन तेजी के साथ दौडते हैं उससे कभी भी कोई बडा हादसा फिर हो सकता है क्योंकि खनन के वाहनों की तेज गति से राजधानी में कई इंसानों को मौत के द्वार पर ले जा चुकी है। टोल प्लाजा पर हुई इस भीषण दुर्घटना से टोल प्लाजा को अब वहां से हटाये जाने के लिए एक बडी मुहिम भी चलने की सम्भावना प्रबल हो गई है। हालांकि आज कांग्रेसी नेताओ ने डीएम से मुलाकात कर इस टोल प्लाजा को वहां से अन्य स्थान पर स्थान्तरित किये जाने की मांग को लेकर उन्हें एक पत्र भी सौंप दिया है। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि इस हादसे के लिए तेज गति से चलने वाले खनन सामग्री से भरे डम्पर को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है तो कहीं न कहीं इसके लिए गलत तरीके से स्थापित टोल प्लाजा भी जिम्मेदार है।
कांग्रेस पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति के सदस्य एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर लच्छीवाला टोल प्लाजा को अन्यत्र स्थान्तरित किये जाने की मांग की। जिलाधिकारी को सौंपे पत्र में पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कल लच्छीवाला टोल प्लाजा पर हुए भीषण सड़क हादसे की ओर जिलाधिकारी देहरादून का ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा कि इस मानव जनित भीषण एवं दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों को असमय काल कल्वित होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जहां इस हादसे के लिए तेज गति से चलने वाले खनन सामग्री से भरे डम्पर को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है वहीं कहीं न कहीं इसके लिए गलत तरीके से स्थापित टोल प्लाजा भी जिम्मेदार है।
प्रीतम सिंह ने कहा कि वर्तमान में जिस स्थान पर टोल प्लाजा स्थापित किया गया है वह स्थान उतार पर स्थित है जहां पर तेज गति से चलने वाले भारी वाहन अपना नियंत्रण खो देते हैं जिसके चलते अक्सर बेगुनाह लोगों को हादसे का शिकार होना पड़ता है। भविष्य में इस प्रकार के हादसों से बचा जा सके इसके लिए टोल प्लाजा को अन्यत्र स्थान्तरित किया जाना अति आवश्यक है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नियमानुसार भी उक्त टोल प्लाजा नियमों के विरूद्ध बनाया गया है क्योंकि एक टोल प्लाजा से दूसरे टोल प्लाजा की दूरी कम से कम 6० कि.मी. होनी चाहिए परन्तु इसकी दूरी मात्र 3० कि.मी. है जबकि केन्द्रीय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री द्वारा 2० कि.मी. की दूरी के मानक निर्धारित करने की बात की जा रही है। प्रीतम सिंह ने जिलाधिकारी से मांग की कि व्यापक जनहित को मद्देनजर रखते हुए लच्छीवाला स्थित टोल प्लाजा को सुविधाजनक स्थान पर स्थान्तरित किया जाय। प्रतिनिधिमंडल में प्रीतम सिंह के अलावा पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष गौरव सिंह मोहित नेगी की पूर्व ब्लाक अध्यक्ष शामिल थे।