उत्तराखंड को मिले 18 नए ड्रग निरीक्षक, स्वास्थ्य सचिव ने दी मंजूरी

0
38

देहरादून। मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने के लिए स्वास्थ्य सचिव लम्बे समय से एक बडी रणनीति के साथ काम कर रहे हैं और उन्होंने स्वास्थ्य महकमे को मजबूत करने की दिशा में अब तक जो काम किये हैं उससे राज्यवासी गदगद नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर अब स्वास्थ्य सचिव ने 18 नए ड्रग निरीक्षकों को टीम में शामिल करने के लिए हरी झण्डी देकर अब यह साफ कर दिया है कि औषधि नियंत्रण और गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था को बडी मजबूती मिलेगी।
उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग को आज 18 नए ड्रग निरीक्षक मिल गए हैं। लंबे समय से इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी थी, जिस पर आखिरकार मुहर लग गई है। प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार ने इन नियुक्तियों को स्वीकृति दे दी है। इससे प्रदेश में औषधि नियंत्रण और गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। राज्य में दवा नियंत्रण से जुड़े पदों की कमी के कारण निरीक्षण और औषधियों की गुणवत्ता नियंत्रण में दिक्कतें आ रही थीं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया को प्राथमिकता दी और अब आखिरकार 18 नए ड्रग इंस्पेक्टरों की तैनाती का रास्ता साफ हो गया है। स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार ने बताया कि प्रदेश में औषधि निरीक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही थी। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इन निरीक्षकों की तैनाती जल्द की जाएगी, जिससे राज्य में दवा नियंत्रण व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
डा० आर राजेश कुमार का मानना है कि राज्य में नकली और घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं की बिक्री को रोकने के लिए ड्रग इंस्पेक्टरों की भूमिका बेहद अहम होती है। अभी तक निरीक्षकों की कमी के कारण औषधि नियंत्रण व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। नए निरीक्षकों के आने से यह व्यवस्था अब और सख्त होगी, जिससे राज्य के लोगों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नए नियुक्त निरीक्षकों को जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें अलग-अलग जिलों में तैनात किया जाएगा। इसके बाद वे राज्यभर में मेडिकल स्टोर, दवा कंपनियों और अस्पतालों में औषधियों की गुणवत्ता जांचने का काम करेंगे। सरकार की इस पहल से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी और दवा नियंत्रण प्रणाली प्रभावी ढंग से काम कर सकेगी।

LEAVE A REPLY