राजधानी में खूनी सड़कें!

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड की अस्थाई राजधानी में पिछले कुछ महीनों से सडकों पर बेकसूरों का खून सडक हादसों में बह रहा है उससे एक आम इंसान के मन में डर की भावना बनी हुई है। मौत का सिलसिला कुछ माह पूर्व उस समय शुरू हुआ जब ओएनजीसी चौक के समीप एक इनोवा कार के सडक हादसे में परखच्चे उड गये थे और उसमें सवार छह युवाओं को दर्दनाक मौत मिली थी जिसे देखकर हर किसी के रोंगटे खडे हो गये थे। राजधानीवासी अभी इन मौतों का डर अपने दिल से निकाल भी नहीं पाये थे कि होली से पहले राजपुर रोड के साई बाबा मन्दिर के समीप एक महंगी कार मे सवार युवक ने पैदल चल रहे चार उन मजदूरों को अपनी गाडी से रौंद डाला था जो मजदूर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। एक साथ चार मौतों का दिल दहला देने वाला दृश्य राजधानीवासियों के मन में तेज रफ्तार से दौडने वाली गाडियों से हो रही मौत को लेकर डरा और सहमा हुआ है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले इन चार मजदूरों का कसूर सिर्फ इतना था कि वह सडक के किनारे यह सोचकर चल रहे थे कि उन्हें अपने घर के रास्ते का सफर तय करना है लेकिन उन्हें यह इल्म नहीं था कि आज उनका सफर बीच रास्ते मे ही खत्म हो जायेगा? राजपुर रोड पर चार मौतों का डर आवाम के मन से निकला भी नहीं था कि आज सुबह डोईवाला टोल प्लाजा पर तेजी से सडक पर दौड रहे एक डम्पर ने तीन गाडियों को उडा दिया और एक कार को तो उसने सामने से ऐसे हिट किया कि वह डम्पर में फंस गई और उसमें सवार दो बेकसूर लोगों को फिर आकाल मौत में समाना पड गया। आये दिन हो रहे सडक हादसों में इंसानों की हो रही मौतों से यह बहस छिड गई है कि आखिर राजधानी की खूनी सडकों पर कब तक बेकसूरों का खून बहता रहेगा?
देहरादून को न जाने किसकी नजर लग गई कि एक के बाद एक दून की सडकों पर बडे-बडे हादसों में बेकसूरों को मौत की नींद सोना पड रहा है। प्रशासन ने सडक हादसों को रोकने के लिए शहर की सडकों में स्पीड ब्रेकर बनवाये थे जिससे कि सडक हादसों को रोका जा सके। सडकों पर मौत की रेस लगाने वाले आज भी एक आम इंसान के जीवन के साथ खिलवाड करने से बाज नहीं आ रहे हैं और उसी के चलते तेज रफ्तारों से दौडती गाडियों ने अब पैदल चलने वालों को ही नहीं बल्कि शांति के साथ गाडियां चलाने वालों के मन में भी एक बडा डर पैदा कर दिया है। बता दें कि तेइस नवम्बर 2०24 की देर रात्रि ओएनजीसी चौक के समीप एक इनोवा कार को एक टेंकर ने साइड से टक्कर मारी थी जिससे उसमें सवार छह युवाओं की दिल दहला देने वाली मौत हो गई थी। यह दुर्घटना इतनी भीषण थी कि इनोवा कार के परखच्चे उड गये थे और इस दुर्घटना में हुई मौतों को देखकर उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देशभर के वो लोग सहम गये थे जिन्होंने इस दुर्घटना की सोशल मीडिया पर वीडियो देखी थी। बारह मार्च 2०25 को राजपुर रोड के साई बाबा मन्दिर के समीप सडक के किनारे चार मजदूर पैदल चल रहे थे लेकिन एक महंगी गाडी मे सवार रईसजादे ने इन मजदूरों को गाडी से रौंदकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया था और इसके बाद उसने जो फिल्मी कहानी पुलिस को बताई वह किसी के गले नहीं उतरी थी।
वहीं आज सुबह डोईवाला के टोल प्लाजा पर एक डम्पर ने तीन गाडियों को टक्कर मार दी और इस टक्कर में डम्पर के सामने कार पूरी तरह से फंस गई और इस दुर्घटना में एक बार फिर दो बेकसूर लोगों को मौत मिली। डम्पर डिवाइडर पर चढ़ गया था और उसे देखकर लोगों को आशंका रही कि डम्पर तेज गति से होगा जिसके चलते उसने गाडियों को तेजी के साथ हिट किया और उसी के चलते दो को मौत नेे अपने आगोश में ले लिया। पुलिस का दावा है कि डम्पर के ब्रेक फेल होने के कारण यह दुर्घटना हुई। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया कि आखिर डम्पर कितनी तेजी से अपने रास्ते का सफर तय करने के लिए सडक पर दौड रहा था? एक के बाद एक राजधानी की सडकों पर बेकसूरों का बिखर रहा खून आवाम को डरा रहा है और राजधानी की सडकें अब खूनी नजर आ रही हैं जिसको लेकर पैदल चलने वाले से लेकर गाडी मे सवार व्यक्ति भी डरा हुआ नजर आ रहा है?

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