सीएम का तीन साल का रिपोर्ट कार्ड सुपर

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देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार ने तीन वर्षों में कई ऐतिहासिक निर्णय लिये है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मिथक को तोडऩे का भी काम किया है और यह एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि पहले ऐसा होता था कि हर चुनाव में सरकार बदलती थी और जनता ने इस विधानसभा चुनाव में मिथक को तोडऩे का काम करते हुए भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाकर दोबारा सत्तासीन कराने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के लिए कार्य किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर चुनौती का डटकर सामना किया और लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाई है। यहां मुख्य सेवक सदन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरकार के तीन वर्ष होने पर उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन वर्षों में कई ऐतिहासिक निर्णय लिये है। उन्होंने कहा कि जनता की आकांक्षाओं व विश्वास को लेकर आगे बढ़ते चले गये। उन्होंने कहा कि कई बार आपदाओं का सामना भी करना पड़ा और केदारघाटी की आपदा, सिल्क्यारा टनल हादसे में 41 श्रमिकों को बचाया गया और हाल ही में माणा गांव में एवलांच आने से श्रमिकों को बचाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि धरातल पर जाये और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और अपने लोगों के बीच रहे।
उन्होंने कहा कि घनसाली क्षेत्र में तीन तीन आपदाओं का सामना करना पड़ा है और एक चुनौती के रूप में देखते आ रहे है और उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य ने कई पुराने मिथकों को तोड़ते हुए ऐतिहासिक कार्य किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिं धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और चुनौतियों का सामना करते हुए प्रदेश के विकास की दिशा में प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने कहा कि आपदाओं से निपटने में सरकार पूरी तरह से सफल रही है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उनके कार्यकाल के दौरान उत्तराखंड को कई आपदाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन सरकार ने कुशलता से इन चुनौतियों से निपटने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का 2०47 विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया गया है और देहरादून व अन्य शहरों में आना जाना आसान हो के लिए कार्य किया जा रहा है और एक्सप्रेस वे के माध्यम से दो से ढाई घंटे तक दिल्ली से देहरादून और देहरादून से दिल्ली पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता रही कि आपदा प्रबंधन को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से पूरा किया है और जिससे प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य हो सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सरकारी तंत्र ने सराहनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि चाहे जोशीमठ भूधंसाव की स्थिति हो या फिर बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं, सरकार ने हर चुनौती का डटकर सामना किया और लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाई। उन्होंने कहा कि तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केदारघाटी से कहा और एक नया कार्य प्रारंभ हुआ है।
उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर समिट किया गया और निवेशकों से संवाद किया और सुझाव प्राप्त हुए और सुझावों से तीस से अधिक नीतियां बनाई और नीतियों का शिथलीकरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने ऐसे ऐतिहासिक कानून लागू किए, जो लंबे समय से चर्चा में थे लेकिन किसी ने हिम्मत नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) प्रमुख रूप से शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो वादे जनता से किए थे, उन्हें पूरा करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जहां नकल पर रोक लगाने के लिए इतना कड़ा कानून लाया गया। उन्होंने कहा कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता आई है और युवाओं में विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सौ से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे डालने का काम किया है और 2० हजार से ज्यादा युवाओं को नौकरी देने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जायेगा और तब तक यह अभियान चलता रहेगा। इस अवसर पर भू-कानून को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य में बाहरी लोगों द्वारा अंधाधुंध जमीन खरीदने पर रोक लगाने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वहीं समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड पूरे देश के लिए मिसाल बन गया हैै। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह कानून राज्य की संस्कृति और सामाजिक समरसता को बनाए रखने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि भू कानून की शुरूआत कर दी है और लंबे समय से उत्तराखंड के जनमानस की मांग थी और इसके लिए और आगे बढऩा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हितों के लिए सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के तीस प्रतिशत आरक्षण सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया गया है और राज्य आंदोलनकारियों को दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है और 2०25 में डेढ़ लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने हर क्षेत्र तक विकास योजनाएं पहुंचाने के लिए विशेष रणनीति अपनाई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और मंत्रियों को निर्देश दिए गए कि वे नियमित रूप से जनता के बीच जाएं और उनकी समस्याओं को समझें। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता से सीधा संवाद किया और उनकी जरूरतों के हिसाब से योजनाएं बनाई। इससे सरकार और जनता के बीच विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी रिक्त पदों को भरने का संकल्प लिया गया और उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गये।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह राज्य के विकास के लिए पांच गेम चेंजर योजनाएंÓ तैयार करें, जो उत्तराखंड को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाएंगी। उन्होंने कहा कि नकल का कानून लाकर एक नई ऊर्जा मिली और नकल विरोधी कानून देश के लिए नजीर बन गया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का मकसद युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना, पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाना, औद्योगिक विकास को गति देना और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अगले कार्यकाल में भी सरकार विकास कार्यों को नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार ने अब तक जो भी काम किए हैं, वह जनता के हित में थे और आगे भी हम राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए पूरी मेहनत से काम करेंगें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने तीन वर्षों में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिससे प्रदेश में बदलाव की नई लहर देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन से लेकर सख्त कानूनों की पहल तक काम किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सरकार को जनता के करीब लाने और प्रदेश के विकास की दिशा में अग्रसर रखने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले वर्षों में इन नीतियों का राज्य पर कितना प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वह उत्तराखंड की देवतुल्य जनता को शुभकामनायें दी है और हर आपदा के समय में उनका साथ मिला है और उत्तराखंड पूरे देश में पहला राज्य बन गया और जहां पर यूसीसी का कानून लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है और लंबे समय से लखवाड बांध बनेगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वीकृति दे दी और काम शुरू हो गया और सौंग नदी व जमरानी बांध के लिए स्वीकृति मिल गई है और प्रदेश में़ ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे लाइन पर तेजी से काम हो रहा है और टूरिज्म डेस्टिनेशन के अंतर्गत प्रत्येक जनपद को हैली सेवा से जोडऩे का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साहसिक पर्यटन का राज्य का ध्यान है और जी 2० की तीन बैठकें आयोजित करने का अवसर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया और ब्रांड एम्बेसडर बनकर पूरी दुनियां में उत्तराखंड की प्रसिद्धि को बढाने का काम किया और 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड 25वें स्थान से सातवें स्थान पर आया है और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा है। उन्होंने कहा कि वैडिंग डेस्टिनेशन पर व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है और भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया रहा है। उन्होंने कहा कि देश दुनिया के प्रवासियों का सम्मेलन किया गया और उनके सुझाव लिये और एक एक गांव को गोद लेकर उनके विकास के लिए कार्य किया जा रहा है और शीतकालीन यात्रा की शुरूआत की गई और छह माह की जगह बारह माह तक यात्रा चलेगी।
उन्होंने कहा कि यह शीतकालीन यात्रा मील का पत्थर साबित होगा और नीति आयोग की इन्डैक्स में उत्तराखंड को पहला स्थान मिला है और उत्तराखंड बेरोजगारी में 4.4 प्रतिशत की कमी आई है और स्टार्ट अप के क्षेत्र में काम किया गया है और प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है और उत्तराखंड को पूरे देश में 13वां स्थान आया है। उन्होंने कहा कि इस साल पच्चीसवें वर्ष में प्रवेश कर गये है और यह रजत जयंती वर्ष है और सरकार विकास कार्यों को बढ़ावा दे रही है और अनेक चुनौतियां है और मंजिल अभी दूर है और देश का श्रेष्ठ राज्य बनाना है और विकल्प रहित संकल्प को पूरा करने का काम करेंगें। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में विधायक खजान दास, महंत दिलीप सिंह रावत, राजकुमार कौरी, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी आदि उपस्थित थे।

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