बसंत विहार में सत्यापन न कराने पर एक्शन
गोविंदगढ़ से विजय पार्क तक खंगाले किराएदार
देहरादून (स्टाफ रिपोर्टर)। किराएदारों का पुलिस सत्यापन नहीं कराना मकान मालिकों को भारी पड़ गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर बसंत विहार थाना पुलिस ने रविवार को विभिन्न क्षेत्रों में सघन सत्यापन अभियान चलाकर 350 मकानों की जांच की। इस दौरान किराएदारों का सत्यापन नहीं कराने वाले 34 मकान मालिकों के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत कार्रवाई करते हुए कुल तीन लाख 40 हजार रुपये के चालान किए गए। इसके अलावा चार संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध भी पुलिस अधिनियम की धारा 81 के तहत कार्रवाई कर एक हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और बाहरी व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एसएसपी देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में किराएदारों, फड़-फेरी लगाने वालों और ठेली संचालकों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी सदर के निकट पर्यवेक्षण में बसंत विहार थानाध्यक्ष ने पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर अभियान चलाया। रविवार को पुलिस टीमों ने गोविंदगढ़, श्रीदेव सुमन नगर, श्रीरामपुरम कॉलोनी और विजय पार्क क्षेत्र में घर-घर पहुंचकर किराएदारों के सत्यापन संबंधी दस्तावेजों की जांच की। अभियान के दौरान 350 मकानों की जांच में 34 मकान मालिक ऐसे मिले, जिन्होंने अपने यहां रहने वाले किराएदारों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया था। पुलिस ने सभी के विरुद्ध नियमानुसार चालानी कार्रवाई की।
सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस को चार व्यक्ति संदिग्ध प्रतीत हुए। पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए थाने लेकर आई, जहां उनके नाम-पते और अन्य जानकारियों की तस्दीक की गई। पहचान की पुष्टि होने के बाद चारों के विरुद्ध पुलिस अधिनियम की धारा 81 के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए कुल एक हजार रुपये वसूले गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किराएदारों और बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मकान मालिकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने भवनों में रहने वाले किराएदारों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुलिस सत्यापन कराएं। बिना सत्यापन किराएदार रखने वालों के विरुद्ध आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभियान में महिला उपनिरीक्षक शशि पुरोहित, अपर उपनिरीक्षक सतीश सिंह, नरेंद्र राणा, महेंद्र सिंह नेगी, कांस्टेबल मुकेश, विपिन, संजीव तथा महिला कांस्टेबल प्रियंका, अनीता और डिंपल शामिल रहीं।


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