लेबर कॉलोनियों और रैन बसेरों में लगेंगे विशेष कैंप
आठ जून से शुरू हुई थी राज्यभर में एसआईआर
देहरादून(स्टाफ रिपोर्टर)। उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी हो गई है। उपलब्ध निर्वाचन विवरण के अनुसार, अभियान शुरू होने के समय प्रदेश में 79,60,762 मतदाता थे, जबकि 3 अक्टूबर को प्रकाशित अंतिम सूची में 71,58,949 मतदाता शामिल हैं। इस तरह एसआईआर से पहले की तुलना में मतदाताओं की कुल संख्या में 8,01,813 की कमी आई है। अब सूची से छूटे पात्र मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का एवं सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने मीडिया से रूबरू होते हुए एसआईआर खत्म होने और नई वोटर लिस्ट को जारी करने का पर्दा हटाया। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में आठ जून से विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू किया गया था। गणना फार्म के वितरण और संकलन के बाद 14 जुलाई को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में 71,33,785 मतदाता शामिल किए गए थे। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची में यह संख्या बढ़कर 71,58,949 हो गई। जारी विवरण के मुताबिक, दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया के बाद 1,29,872 नए मतदाताओं को शामिल किया गया, जबकि 1,04,708 नाम नियमानुसार विलोपित किए गए। इस चरण में कुल मतदाताओं की संख्या में शुद्ध रूप से 25,164 की बढ़ोतरी हुई।
यहां महत्वपूर्ण अंतर यह है कि 8,01,813 का आंकड़ा एसआईआर से पहले और अंतिम सूची की कुल मतदाता संख्या का अंतर है। इसे पूरी प्रक्रिया में हटाए गए नामों की कुल संख्या नहीं माना जा सकता, क्योंकि इस दौरान नए नाम भी शामिल हुए हैं। वहीं, 1,04,708 नामों के विलोपन का आंकड़ा ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद वाले चरण से संबंधित है। उपलब्ध विवरण में पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान हटे नामों का कारणवार ब्योरा नहीं दिया गया है। अंतिम प्रकाशन के बाद भी पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी रहेगी। बीएलओ मौजूदा मतदाता सूची का एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। जिन लोगों के नाम पुरानी सूची में थे, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं हैं, उनकी अलग सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद बीएलओ संबंधित घरों में जाकर मतदाताओं की मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे। पात्र पाए जाने वाले लोगों को फॉर्म छह भरवाने में सहायता दी जाएगी। इस अभियान में पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं और अन्य छूटे पात्र नागरिकों को भी शामिल किया जाएगा।
चिह्नित मतदाताओं की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा की जाएगी। प्रक्रिया के अंतिम चरण में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी यानी ईआरओ बूथवार सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराएंगे। इसका उद्देश्य छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए एक और अवसर देना है। नाम जुड़वाने के आवेदन जमा करने में सुविधा के लिए बूथ स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे। लेबर कॉलोनियों, रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, बेघर नागरिकों और हाशिए पर रहने वाले लोगों को सूची में शामिल करने के लिए भी विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। जो पात्र नागरिक किसी कारण से सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन या अपने बीएलओ के जरिए ऑफलाइन फॉर्म छह भरकर आवेदन कर सकते हैं।
प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में 34,21,036 महिला, 37,37,701 पुरुष और 212 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इनमें 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 72,656 युवा मतदाता और 80 वर्ष से अधिक आयु के 1,22,892 मतदाता हैं। प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12,543 है। मतदाता अंतिम सूची में अपना नाम निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड की वेबसाइट पर देख सकते हैं। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय और संबंधित बीएलओ से भी सूची की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। अंतिम सूची जारी होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण काम छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान और उनके नाम शामिल कराना है। घर-घर सत्यापन, पुरानी सूची से मिलान और विशेष कैंप की प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने में अहम होगी कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।