सीएम ने खोले कौशल से रोजगार के द्वार
देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मुहिम अब चार बड़े शहरों में जमीन पर उतरने जा रही है। मुख्यमंत्री की पहल एवं मार्गदर्शन में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग और एम3एम फाउंडेशन के बीच महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। लक्ष्य साफ है युवाओं को केवल प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि उद्योगों की जरूरत के मुताबिक तकनीकी दक्षता देकर रोजगार के दरवाजे तक पहुंचाना।
समझौते के पहले चरण में देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर और पिथौरागढ़ में प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए जाएंगे। स्थानीय परिस्थितियों और युवाओं की संख्या को देखते हुए आगे अल्मोड़ा और बड़कोट को भी योजना में शामिल किया जा सकता है। प्रत्येक केंद्र पर स्थानीय उद्योगों में रोजगार की मांग के अनुसार कम से कम दो पाठ्यक्रम संचालित करने का प्रस्ताव है। युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटो इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस, ऑटोमोबाइल रिपेयर एंड मेंटेनेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और प्लंबिंग जैसे रोजगारपरक ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल की सबसे अहम कड़ी प्लेसमेंट और टिकाऊ आजीविका है। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को उद्योगों से जोड़ने, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और स्वरोजगार की राह मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा। इतना ही नहीं, प्रशिक्षण के बाद युवाओं के रोजगार परिणामों की निगरानी भी की जाएगी।
देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में विभाग की ओर से निदेशक प्रशिक्षण संजय कुमार और एम3एम फाउंडेशन की ओर से मैनेजिंग ट्रस्टी एवं प्रेसिडेंट डॉ. ऐश्वर्य महाजन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। फाउंडेशन की चेयरपर्सन एवं ट्रस्टी डॉ. पायल कनोडिया ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार कर बेहतर रोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़ना है। धामी सरकार की इस पहल का असली इम्तिहान अब प्रशिक्षण से प्लेसमेंट तक होगा यानी युवा हुनर सीखें और उसी हुनर को रोजगार तथा स्वरोजगार में बदल सकें।