चारधाम में सुरक्षा से समझौता नहीं

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अफसर हर पल रहें अलर्ट
हेली टिकट में ज्यादा वसूली तो एक्शन
उत्तराखण्ड में चल रही चारधाम यात्रा पर हमेशा मुख्यमंत्री की पैनी नजर रहती है और उन्होंने अफसरों को दो टूक संदेश दे रखा है कि बरसात के मौसम में जब भूस्खलन का खतरा दिखाई दे तो मौसम साफ होने तक यात्रा को रोक दिया जाये। मुख्यमंत्री ने आज एक बार फिर चारधाम यात्रा की समीक्षा की और संदेश दिया कि चारधाम में सुरक्षा से कोई समझौता न किया जाये और अधिकारी हर पल अलर्ट रहें। मुख्यमंत्री का मानना है कि जिस आस्था के साथ श्रद्धालु चारधाम यात्रा में आ रहे हैं उसे देखते हुए साफ नजर आ रहा है कि यह आंकडा पचास लाख पार होगा। मुख्यमंत्री ने अफसरों को कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड नहीं होना चाहिए और उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने सख्त अंदाज में कहा कि हेली टिकट में ज्यादा वसूली करने वालों के खिलाफ एक्शन हो जिससे कि किसी भी श्रद्धालु को यह आभास न हो कि हेली सेवा में उनके साथ ठगी हो रही है। यही कारण है कि चारधाम यात्रा में तैनात पुलिस कप्तानों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को अचूक बना रखा है और हेली सेवाओं पर उनकी पैनी नजर है।
देहरादून(संवाददाता)। चारधाम यात्रा में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के बीच मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। मौसम, भूस्खलन और संवेदनशील यात्रा मार्गों की लगातार निगरानी के साथ आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव की व्यवस्था तैयार रखने को कहा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यात्रा से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों से यातायात, स्वास्थ्य, सुरक्षा और यात्रा मार्गों की स्थिति जानी। उन्होंने यातायात दबाव बढ़ने पर होल्डिंग एरिया में सभी जरूरी सुविधाएं रखने और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी से बचाने के निर्देश दिए। यमुनोत्री में भीड़ को देखते हुए धाम से करीब पांच सौ मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने के निर्देश दिए गए। डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने के साथ खरसाली से वैकल्पिक मार्ग पर भी कार्रवाई करने को कहा। घोड़े-खच्चरों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा और भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। गंगोत्री मार्ग के चौड़ीकरण और गड्ढामुक्त करने के काम में तेजी तथा ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी मार्ग बाधित होने पर उसे तत्काल खोलने के लिए मशीनरी तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं के टिकट निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराने को कहा। अधिक वसूली या अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। केदारनाथ और बदरीनाथ मार्गों पर चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन और आपात चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता रखने को कहा। यात्रा मार्गों पर शौचालय, पेयजल, बिजली, प्रकाश, शटल सेवा और स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक आपात संचार व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में बताया गया कि चारधाम यात्रा-2026 के लिए अब तक 66,07,749 यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है। 14 सितंबर शाम सात बजे तक 50,56,160 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें केदारनाथ में 14,98,544, बदरीनाथ में 17,36,619, गंगोत्री में 7,89,773, यमुनोत्री में 7,08,407 और हेमकुंड साहिब में 3,22,817 श्रद्धालु शामिल हैं।

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