अब सचिवालय कूच से सरकार को घेरने की तैयारी
दिल्ली से लेकर उत्तराखण्ड तक सियासत में दिखती तपिश
अगले माह शुद्धिकरण पर कांग्रेस महारैली निकालेगी
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हल्द्वानी में हुई रैली के बाद उस जगह का शुद्धिकरण करने को लेकर मामला संसद में भी गूंजा था और खरगे ने संसद में मामला उठाते हुए कहा था कि शुद्धिकरण के इस कृत्य ने उन्हें छुआछूत का अहसास कराया और उनका अपमान किया। राहुल गांधी ने शुद्धिकरण और छुआछूत की मानसिकता के खिलाफ आवाज उठाई और इससे देश में जातिगत भेदभाव के मुद्दे पर नई बहस छिड़ गई। शुद्धिकरण में दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाए हल्द्वानी में राहुल के खिलाफ ही एससी, एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। इस मुकदमे को लेकर कांग्रेस आक्रोश में है और अब वह शुद्धिकरण व राहुल के खिलाफ दर्ज हुये मुकदमे को लेकर सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतरने जा रही है। कांग्रेस जहां सरकार को ललकारने के लिए सचिवालय कूच करने की रणनीति बना रही है तो वहीं अगले माह वह देहरादून या हल्द्वानी में शुद्धिकरण को लेकर एक महाविशाल रैली निकालने के लिए खाका बनाने में जुट गई है। अब उत्तराखण्ड में बारिश के इस मौसम में राजनीतिक तापमान ऊफान पर आने के साफ संकेत दिखाई दे रहे हैं और राहुल के खिलाफ दर्ज हुये मुकदमे से उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस के दिग्गज नेता अब आक्रामक शैली में इसका जवाब देने की तैयारी में जुट गये हैं।
हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित शुद्धिकरण किए जाने का मामला एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत में गर्माता नजर आ रहा है। राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन करीब बीस दिन बीतने के बाद भी मुकदमा दर्ज न होने को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर सवाल उठा रही है। इसी बीच हल्द्वानी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कथित दलित अपमान के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस का गुस्सा और बढ़ गया है। इस कार्रवाई के विरोध में दिल्ली से लेकर उत्तराखंड तक कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी सामने आ रही है। उत्तराखंड कांग्रेस ने अब सड़क पर उतरकर सरकार को घेरने का फैसला किया है। पार्टी के बड़े नेता सचिवालय कूच की तैयारी में हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर पार्टी चुप नहीं बैठेगी और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगी।
वहीं, हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण के मामले में अब तक एफआईआर दर्ज न होने को भी कांग्रेस बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक देहरादून या हल्द्वानी में बड़ी रैली आयोजित कर सरकार के खिलाफ आर-पार की राजनीतिक लड़ाई का संदेश देने की रणनीति पर मंथन चल रहा है। यानी एक तरफ राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा और दूसरी तरफ शुद्धिकरण मामले में कार्रवाई न होने का आरोप इन दोनों मुद्दों ने उत्तराखंड कांग्रेस को सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलने का मौका दे दिया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस का यह आंदोलन कितना बड़ा आकार लेता है और सरकार इस पूरे विवाद पर क्या जवाब देती है। उत्तराखंड की सियासत में आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने के संकेत दे रहा है।
सरकार पर दहाड़े हरक
कांग्रेस के कद्दावर नेता हरक सिंह रावत ने सरकार को ललकारते हुए कहा कि राज्य मंे उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत सच हो रही है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी की घटना में दलितों के साथ हुये अन्याय के खिलाफ कार्यवाही की मांग लम्बित है, लेकिन आवाज उठाने वाले राहुल गांधी पर एफआईआर की जा रही है। यह भाजपा सरकार की तानाशाही है। इसके विरोध में कल कांग्रेस सचिवालय कूच कर वहां का घेराव करेेगी और सरकार के खिलाफ अब कांग्रेस एकजुट होकर आरपार की लड़ाई लडेे़गी।