कारगिल के वीरों को नमन

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धामी बोलेः शहीदों का बलिदान राष्ट्र की अमर धरोहर
कारगिल विजय दिवस पर गूंजा शौर्य का जयघोष
सीएम ने युवाओं को दिया राष्ट्र सेवा का संदेश
देहरादून। कारगिल दिवस पर मुख्यमंत्री ने उन सभी वीरों को नमन किया जिन्होंने देश की खातिर अपनी शहादत दे दी थी। वीरों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री बोले कि शहीदों का बलिदान राष्ट्र की अमर धरोहर है और इस दिवस पर राजधानी में हर तरफ शौर्य का जयघोष हुआ तो वहीं मुख्यमंत्री ने रन फॉर कारगिल हीरोज को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री ने शूरवीरों को श्रद्धांजलि देते हुए युवाओं को राष्ट्र सेवा का संदेश दिया और कहा कि वीरों का पराक्रम देश की सबसे बडी ताकत है।
कारगिल विजय दिवस पर राजधानी देहरादून का शौर्य स्थल एक बार फिर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। गढ़ीकैंट स्थित शौर्य स्थल, चीड़बाग में आयोजित ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन को मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद उन्होंने शौर्य स्थल पर पहुंचकर कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित किया और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का गौरवशाली प्रतीक है। वर्ष 1999 में कारगिल की बर्फीली चोटियों पर भारतीय जवानों ने विषम परिस्थितियों में जिस वीरता और धैर्य का परिचय दिया, वह भारतीय सैन्य इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में सदैव दर्ज रहेगा। उन्होंने कहा कि देश अपने वीर सैनिकों और शहीदों के सर्वोच्च बलिदान का ऋणी है और उनकी वीरगाथाएं आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देती रहेंगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल देवभूमि के रूप में ही नहीं, बल्कि वीरभूमि के रूप में भी पूरे देश में है। राज्य के हजारों सैनिक आज भी देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात हैं, जबकि अनेक वीर सपूतों ने कारगिल सहित विभिन्न सैन्य अभियानों में अपने प्राणों की आहुति देकर राष्ट्र का मस्तक ऊंचा किया है। ऐसे वीरों का सम्मान और उनके परिवारों का गौरव बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और शहीदों के आश्रितों के कल्याण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। सैनिक हितों से जुड़ी योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि राष्ट्ररक्षा में योगदान देने वाले परिवारों को हर स्तर पर सम्मान और सहयोग मिल सके। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे कारगिल के शहीदों के त्याग, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन का आदर्श बनाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों का दायित्व नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि युवा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर आगे बढ़ेंगे तो भारत विश्व में और अधिक सशक्त तथा आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा।
कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, सैन्य अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे आयोजन के दौरान राष्ट्रभक्ति, सम्मान और गौरव का वातावरण बना रहा।

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