नशा तस्करों से यारी निभाई तो मिलेगी सजा
देहरादून/विकासनगर। जनपद के पुलिस कप्तान ने दो टूक अल्टीमेटम दे दिया है कि जनपद में एक-एक नशा तस्कर सलाखों के पीछे होंगे और कोई भी नशा तस्कर उनकी रडार से नहीं बच पायेगा। मुख्यमंत्री के नशामुक्त उत्तराखण्ड के विजन को देहरादून में पंख लगाने के लिए उन्होंने जो संकल्प लिया है वह नशा माफियाओं को अब डराने लगा है और एक-एक कर नशा तस्कर सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं। पुलिस कप्तान ने खाकी को अल्टीमेटम दिया है कि अगर किसी ने भी नशा तस्करों से यारी निभाने की कोशिश की तो उन्हें इसकी बडी सजा मिलेगी।
पुलिस कप्तान के नेतृत्व में जनपद देहरादून में नशा तस्करों और आदतन अपराधियों के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान लगातार असर दिखा रहा है। मुख्यमंत्री के ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए पुलिस कप्तान ने सभी थाना प्रभारियों को नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों के क्रम में ऑपरेशन प्रहार के तहत विकासनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो दर्जन मुकदमों वाले एक हिस्ट्रीशीटर स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल की अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ सख्त रणनीति के तहत जनपदभर में लगातार दबिश, चैकिंग और खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है। इसी अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक विकासनगर के निर्देशन में डाकपत्थर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप पंवार के नेतृत्व में पुलिस टीम सोमवार रात पीठ ग्राउंड डाकपत्थर क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से 10.67 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बुरहान (31) पुत्र स्वर्गीय इमरान निवासी विशाल कॉलोनी, जीवनगढ़, विकासनगर के रूप में हुई। पूछताछ में उसने बताया कि वह स्वयं नशे का आदी है और अपनी लत पूरी करने के लिए स्मैक की खरीद-फरोख्त करता था। वह स्मैक की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर टैक्सी चालकों, मजदूरों और अन्य लोगों को बेचता था तथा इससे मोटा मुनाफा कमाता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विकासनगर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, चोरी, मारपीट समेत करीब दो दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के मामलों में जेल जा चुका है, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद फिर नशे के कारोबार में सक्रिय हो गया। पुलिस कप्तान के निर्देश पर अब पुलिस आरोपी के पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुट गई है। आरोपी को स्मैक की आपूर्ति करने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत पूरे सप्लाई नेटवर्क की विवेचना की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशा तस्करी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई करने वाली टीम में डाकपत्थर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप पंवार, कांस्टेबल रविन्द्र चौहान तथा कांस्टेबल कपिल जोशी शामिल रहे।