सफर में मिली मौत

0
11

मसूरी में कार खाई में समाई
दो महिला और दो पुरूषों की मौत
आखिर कब तक पहाडों मंे दिखेगा मौत का सफर?
मुख्यमंत्री ने हादसे पर जताया दुख
प्रमुख संवाददाता
मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में आज सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। झड़ीपानी रोड स्थित बार्लोगंज क्षेत्र में एक कार तीव्र ढलान पर अनियंत्रित होकर करीब पांच सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी और उसमें सवार चारों यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। मौत के आगोश में जाने वाली दो महिलायें और दो पुरूष थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस और 108 एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया गया। एक बार फिर सफर में चार लोगों को मौत मिली तो उससे यह सवाल एक बार फिर खडे हो गये कि आखिरकार पहाडों में कब तक मौत का तांडव होता रहेगा? पहाडों में समय-समय पर कुछ लोगों का आखिरी सफर मौत की दहलीज पर हो रहा है जिसको लेकर सरकार को भी चिंतित होना चाहिए कि आखिर ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या किया जाये? मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर अपना दुख जताया है।
मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब सवा नौ बजे 112 कंट्रोल रूम के माध्यम से कोतवाली मसूरी को सूचना प्राप्त हुई कि झड़ीपानी रोड पर एक कार गहरी खाई में गिर गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ, फायर सर्विस और 108 एम्बुलेंस को भी मौके पर बुलाया गया। खाई की गहराई और दुर्गम भूभाग के कारण राहत एवं बचाव कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे से कुछ देर पहले कार सवारों ने पास की एक दुकान से सामान खरीदा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि यात्रियों ने बातचीत के दौरान स्वयं को उत्तरकाशी की ओर जाने वाला बताया था। सामान लेने के बाद जैसे ही वाहन ढलान की ओर बढ़ा, उसकी रफ्तार अचानक बढ़ गई। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन कार बेकाबू होकर सड़क से नीचे उतर गई और खाली प्लॉट को पार करते हुए गहरी खाई में समा गई।
रेस्क्यू टीमों ने रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से खाई में उतरकर वाहन तक पहुंच बनाई। घंटों चले अभियान के बाद कार में फंसे चारों लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में मृतकों की पहचान सत्यप्रकाश निवासी सोनीपत (हरियाणा), मनीत (19 वर्ष), सविता पत्नी धर्मवीर निवासी नेहरू नगर, गाजियाबाद (48 वर्ष) तथा संगीता पत्नी टीटू निवासी करोल बाग, नई दिल्ली (46 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का कारण वाहन के ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तीव्र ढलान पर वाहन का नियंत्रण बिगड़ने के बाद चालक उसे संभाल नहीं सका। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी मसूरी, पुलिस अधीक्षक नगर देहरादून सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू अभियान में प्रशासन का सहयोग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगतों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोक संतप्त परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की है। साथ ही जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मसूरी की खतरनाक ढलानों पर हुआ यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाने के दौरान सावधानी और वाहनों की नियमित तकनीकी जांच की आवश्यकता को रेखांकित करता है। पर्यटक सीजन के बीच हुई इस दुर्घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

LEAVE A REPLY