शानदार सलाहकारों से चलती है शानदार सरकार

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सरकार की शान होते हैं ‘सलाहकार’
अहंकारी सलाहकार सरकार के लिए होते हैं घातक!
सलाहकारों पर खुद नजर रखते हैं धामी
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड मंे हमेशा एक बहस चलती रही है कि शानदार सलाहकारों से ही सरकार शानदार अंदाज में चलती है क्योंिक सलाहकार ही सरकार की शान होते हैं और वह सरकार को हमेशा यही आईना दिखाते हैं कि क्या गलत है और क्या सही। वहीं अधिकांश सरकारों के कार्यकाल में कुछ अहंकारी सलाहकार सरकारों के लिए हमेशा घातक साबित हुये और उसका खामियाजा सरकार के पूर्व मुखियाओं को ही भुगतना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने राज्य में अपने कुछ सलाहकार चुनकर रखे हुये हैं जो आवाम और सरकार के बीच हमेशा बेहतर संवाद बनाने के लिए अगली पक्ति में खडे दिखाई देते हैं। कुछ सलाहकार सरकार और मीडिया के बीच बेहतर संवाद बनाने के लिए आगे रहे हैं जिसके चलते सरकार और मीडिया के बीच कभी कोई खाई नहीं बनी और यही कारण है कि राज्य के मुखिया की सरकार शानदार अंदाज में चल रही है और शानदार सरकार का आईना देखकर भाजपा की बडी लीडरशिप हमेशा मुख्यमंत्री की पीठ थपथपाती आ रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की सियासत को एक लम्बे अर्से पूर्व बहुत नजदीक से देखा हुआ था इसलिए उन्हें इस बात का इल्म था कि सरकार को चलाने के लिए सबसे पहले अपने साथ शानदार सलाहकारों की टीम होनी चाहिए जो सरकार को हमेशा उस सच से रूबरू कराते रहें जिसके बारे में अकसर सलाहकार खामोशी साध लिया करते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी टीम में कुछ शानदार लोगों को अपना सलाहकार बना रखा है जो सरकार और आवाम के बीच एक सेतु का काम कर रहे हैं तो वहीं सरकार और मीडिया के बीच हमेशा बेहतर तालमेल बनाये रखने के लिए अपनी अहम भूमिका निभाते आ रहे हैं।
बहस यह भी चलती है कि सलाहकारों को कभी भी अहंकारी नहीं होना चाहिए क्योंकि अगर कोई सलाहकार अहंकार की भूमिका निभाता है तो उसके बाद आवाम और मीडिया से सरकार के बीच एक खाई पैदा हो जाती है और वह सरकार के लिए हमेशा घातक ही साबित होती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यवासियों की नब्ज पहचानकर उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का जो दौर शुरू किया हुआ है उसके चलते सरकार चार साल से आवाम के बीच शानदार चलती हुई दिखाई दे रही है। आवाम का मानना है कि राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को पता है कि जब भी सरकारें अहंकार में आ जाती हैं तो उसके बाद उसका पतन होने लगता है और यही कारण है कि राज्य के मुख्यमंत्री और उनके सलाहकार आवाम के बीच शानदार भूमिका निभाकर यह संदेश दे चुके हैं कि सरकार हमेशा उनके द्वार पर खडी है।
गौरतलब है कि उत्तराखण्ड एक छोटा प्रदेश भले ही हो लेकिन यहां पर जिस तरह से सत्ता पर आसीन होने वाले कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों के सलाहकारों ने उन्हें सच का आईना दिखाने के बजाए जिस तरह से भ्रमित के जहाज पर उडाने का खेल खेला कि इन पूर्व मुख्यमंत्रियों को इस बात का आभास ही नहीं हो पाया कि उनके सलाहकार उन्हें गलत राह पर ले जाने के लिए आगे बढे हुये हैं? कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अपने साथ सलाहकारों की लम्बी फौज रखी लेकिन इन पूर्व मुख्यमंत्रियों को कहीं न कहीं यह रोग लग गया था कि वह अपने लिए सबकुछ अच्छा-अच्छा सुनना चाहते थे और जो सलाहकार उन्हें यह बताने के लिए आगे आता था कि वह कहां गलत हैं तो उस सलाहकार को ही एक तरफ कर दिया जाता था और ऐसे सलाहकारों की वजह से ही राज्य के कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों की कुर्सी उनसे छीन गई थी इसमें कोई शंका नहीं है? उत्तराखण्ड के अन्दर हमेशा यही बहस चलती है कि सरकारों के आसपास जब चाटुकार सलाहकारों की फौज रहती है तो वह सरकार के मुखिया के लिए ही घातक हो जाते हैं?
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड का जन्म हुये चौबीस वर्ष पूरे हो गये हैं और कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों ने राज्य की जब सत्ता संभाली तो उन्होंने अपनी टीम में सलाहकारों की काफी फौज खडी करी लेकिन इन पूर्व मुख्यमंत्रियों के सलाहकारों ने अपने मुखिया को हमेशा वही आईना दिखाया जो वह देखना चाहते थे और उन्होंने अपने मुखिया को सम्भवतः कभी इस बात से रूबरू नहीं कराया कि सरकार के एक फैसले का उनकी राजनीति पर कैसा असर पड़ सकता है? ऐसा नहीं है कि वो चंद पूर्व मुख्यमंत्री अज्ञानी थे लेकिन सबकुछ जानते हुए भी वह अपने चंद सलाहकारों की गलत सलाह को मानकर ऐसे फैसले लेते रहे जो उनके लिए ही घातक बन गये और उससे उनकी कुर्सी हमेशा के लिए उनसे छीन गई? हमेशा यह सवाल उठा कि सलाहकार इसलिए रखे जाते हैं कि वह अपने मुखिया को सच्चाई बतायें कि राज्य में धरातल पर क्या चल रहा है और उन्हें यह भी बताये कि किस फैसले से सरकार को नुकसान हो सकता है और कहीं कोई ऐसे चेहरे तो नहीं है जो सरकार के नाम पर आवाम को अपनी ताकत दिखाने का खेल खेल रहे हों जिसका नुकसान सरकार को सहना पडे? वहीं उत्तराखण्ड में चार साल से शानदार सलाहकारों के कारण पुष्कर सरकार आवाम के बीच शानदार अंदाज में काम कर रही है।

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