देहरादून(संवाददाता)। ओ गंगा तू बहती क्यों, शायद जब प्रसिद्ध गीतकार भूपेन हजारिका ने ये गीत गुनगुनाया होगा तब उन्हें ये आभास कदापि नहीं रहा होगा कि यही गंगा एक दिन हिमालय से निकल कर गंगा सागर तक तमाम उन असुर शक्तियो को बहा ले जायेगी,जो राज्य के विकास में अवरोध पैदा करते रहे हैं। बंगाल में जिस तरह से कमल खिला है उससे 2०27 में उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को एक बडी ऑक्सीजन मिलेगी और यहां भी कमल खिलाने के लिए देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री राज्यों के मुख्यमंत्रियों के विकास को आवाम के बीच रखकर एक बार फिर राज्यों में कमल खिलाने के लिए अपना अभी से ही रोड-मैप तैयार करने के लिए आगे बढ़ जायेंगे?
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने साकार किया है। पहली बार पश्चिम बंगाल भगवा रंग में रंगा हुआ है। उत्तराखंड से अविरल निकली धारा ने अपने राज्य में कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर, उत्तर प्रदेश में समाजवादी, फिर बिहार और अब गंगा सागर में ममता सरकार को अपने आगोश में ले लिया। आखिर गंगा को कौन रोक सकता है। बेशक पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार का अंत हो गया नयी इबारत लिखी जा रही है लेकिन 2०27 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में उत्तराखण्ड व उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को संजीवनी दे दी है।
राज्य में विधानसभा चुनाव में कुछ माह ही शेष बचे हुए हैं, ऐसे में धाकड़ धामी की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से विपक्षी दल में छटपटाहट मची हुई है। कभी धाकड़ धामी को उनके ही घर के विधायको को तोडने की बातें मीडिया में वायरल होती है वैसे ही कांग्रेस के कद्दावर नेता भगवा रंग में रंग जाते हैं,ये भी धामी व संगठन के पक्ष में दिखाई देता है। मौजूदा समय में धाकड़ धामी के आगे कोई टिक नहीं पा रहा है। क्योंकि उनके सिर पर राज्य की मातृशक्ति का आर्शीवाद प्राप्त है। आने वाले विधानसभा चुनावों में उन सभी चेहरों का अंत होना तय है जो राज्य के विकास के लिए नासूर बने हैं।
