धुरंधर ने लगाये दलालों की दुकानो में ताले

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भ्रष्टाचार की फाइलें कराने वाले सफेदपोश और राजनेताओं की धामी ने दुकानें की बंद
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए जो संकल्प लिया था उस संकल्प को वह धरातल पर उतारने के लिए आगे बढ़ते जा रहे हैं। उत्तराखण्ड के अन्दर बहुत सफेदपोशांे और राजनेताओें ने भ्रष्टाचार करने की जो बडी-बडी दुकानें खोल रखी थी उन दुकानों पर मजबूत ताले लगाने का जो साहस मुख्यमंत्री ने दिखा रखा है उससे भ्रष्टाचारियों में हमेशा एक बडी खलबली मचती रहती है और वह बस यही सपना देखते रहते हैं कि आखिरकार उनकी भ्रष्टाचार की दुकानें फिर कब और कैसे दुबारा खुल पायेंगी। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के बडे-बडे दानवों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का जो मास्टर स्ट्रोक खेला है उससे आवाम उनकी कायल हो रखी है और उन्हें इस बात का इल्म है कि पुष्कर राज में अब भ्रष्टाचार की हर दुकानों में ताले ही लटके मिलेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2022 में हुये विधानसभा चुनाव में आम जनमानस को वचन दिया था कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो वह राज्य के अन्दर भ्रष्टाचारी और रिश्वतखोरों का अंत कर देंगे और यही कारण है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शुरूआती दौर से ही भ्रष्टाचार पर नकेल लगाने का जो बडा साहस दिखाया था उसके चलते राज्य में हर उस सफेदपोश और राजनेता की नाक में नकेल डाल दी गई है जो कुछ पूर्व सरकारों के कार्यकाल में आये दिन अपनी भ्रष्टाचार की दुकानें चलाकर खूब दौलत कमाने के एजेंडे पर आगे बढते रहे थे। मुख्यमंत्री ने साफ संकल्प लिया था कि वह किसी भी भ्रष्टाचारी को नहीं छोडेंगे चाहे वह कितना भी बडा क्यों न हों? उत्तराखण्ड के सचिवालय में अब वो सफेदपोश और राजनेता दिखाई नहीं देते जो चंद पूर्व सरकारों के कार्यकाल में वहां दलाली और भ्रष्टाचार की फाइलें लेकर इधर से उधर टहलते रहते थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐसे हर सफेदपोश और राजनेता पर अपनी रडार लगा रखी है जो कुछ पूर्व सरकारों में भ्रष्टाचार का काला खेल खेलने में जुटे रहते थे।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब सत्ता संभाली थी तो राज्य में अधिकांश सफेदपोशों ने उन्हें बडे हल्केपन में लिया था और यहां तक शोशेबाजी कर रहे थे कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड के अन्दर सत्ता चलाने में फेल हो जायेंगे। सफेदपोशों और मीडिया के कुछ लोगों ने एक सोच बना ली थी कि पुष्कर सिंह धामी राज्य के अन्दर ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन नहीं रह पायेंगे लेकिन जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी ने आवाम के दिलों के अन्दर राज करना शुरू किया और भ्रष्टाचार पर उन्होंने बडा प्रहार करने के लिए अपने कदम आगे बढाये उससे तो राज्य में बडे-बडे भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों की नींद उड़ी हुई है। मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार पुष्कर सिंह धामी की ताजपोशी से वो षडयंत्रकारी बिलबिलाते आ रहे हैं जो उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में नहीं देखना चाहते थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद भ्रष्टाचारियों पर बडा प्रहार करते हुए भ्रष्टाचार की हर दुकान पर ताला लगा दिया है जिसके चलते कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर खनन के पट्टे तक दिलाने वालों में खलबली मच गई कि अब पुष्कर राज में उनके भ्रष्टाचार का खेल खत्म हो गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी का एक ही संकल्प है कि उत्तराखण्ड को एक-एक भ्रष्टाचारी से मुक्ति दिलानी है और उसी के चलते वह देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भ्रष्टाचारमुक्त विजन को धरातल पर उतारने के लिए राज्य के अन्दर भ्रष्टाचारियों पर बडा प्रहार करने के लिए हर दिन आगे रहते हैं और वह उन भ्रष्टाचारियों कोे आईना दिखा रहे हैं जो कुछ सरकारों के कार्यकाल मंे अपने आपको सरकार समझा करते थे। मुख्यमंत्री ने शुरूआती दौर मे ही यह भाप लिया था कि कुछ सफेदपोेश और राजनेता भ्रष्टाचार की फाइलें कराने के लिए कुछ अफसरों के साथ बडा खेल खेला करते थे लेकिन उसके इस खेल को चार साल से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तार तार कर दिया है और उनकी भ्रष्टाचार की दुकानों पर उन्होंने ताले जड रखे हैं।

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