प्रमुख संवाददाता
देहरादून। देश-विदेश में प्रधानमंत्री की राजनीतिक धमक ने भारत का नाम रोशन किया हुआ है। प्रधानमंत्री ने भारत को भ्रष्टाचारमुक्त करने की दिशा में जो वचन देशवासियों को दे रखा है उससे देशवासी यह महसूस करते आ रहे हैं कि अब भारत भ्रष्टाचार से आजाद होता जा रहा है। प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड में एक दशक से चले आ रहे भ्रष्टाचार और घोटालों के शोर को खूब महसूस किया और आखिरकार उन्होंने एक ऐसे युवा को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन करने का फैसला लिया था जिसकी किसी ने शायद कल्पना भी नहीं की थी। मुख्यमंत्री के रूप में ऐसे विधायक को कुर्सी सौंपी गई जिसे भाजपा शासनकाल में कभी मंत्री तक नहीं बनाया गया था। प्रधानमंत्री की दूरगामी सोच देखकर उत्तराखण्डवासी यह महसूस कर चुके थे कि युवा मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड की तस्वीर जरूर बदल देंगे और उनकी यह सोच हकीकत में बदल गई क्योंकि चार साल से मुख्यमंत्री स्वच्छता और पारदर्शिता के साथ सरकार चला रहे हैं और उनकी अब तक की राजनीति पारी में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को कभी भी कोई ऐसा खोट नजर नहीं आया जिससे कि यह नजर आये कि उत्तराखण्ड अपने पुराने डर्रे पर चल रहा है? चार साल से मुख्यमंत्री भ्रष्टाचारियों का काल बने हुये हैं और उन्होंने अपने शासनकाल में दलालों की चौकडी पर जो प्रहार कर रखा है उससे आज राज्य के अन्दर दलालों का वो खेल खत्म हो गया है जिसे वह एक दशक से खेलते आ रहे थे।
उत्तराखण्ड़वासियों ने कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि उत्तराखण्ड की राजनीति का सितारा युवा राजनेता पुष्कर सिंह धामी बनकर सामने आयेंगे। छात्र राजनीति में अपनी बडी पैठ रखने वाले पुष्कर सिंह धामी को इस बात का शुरूआती दौर में ही इल्म था कि आवाम के दिलों पर कैसे राज किया जाता है। मुख्यमंत्री को सत्ता चलाने का गुरूमंत्र देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया तभी से यह बात साफ हो गई थी कि प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की राजनीतिक सोच का आंकलन कर चुके हैं और उसी के चलते उन्हें उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में आगे लाकर खडा कर रखा है। देश के प्रधानमंत्री को राजनीति का महापंडित माना जाता है क्योंकि वह अपने कार्यकाल में राजनीति के उन सितारों को खोज-खोजकर एक नई पहचान दिलाने के लिए आगे आ रखे हैं जो भाजपा के अन्दर अपनी राजनीतिक चमक दिखाने के लिए आगे नहीं आ पा रहे थे। प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड को स्थाई नेतृत्व देने के लिए खटीमा से युवा विधायक की राजनीतिक चमक का भाव देखकर उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन किया था और उन्होंने मुख्यमंत्री को जो गुरूमंत्र सत्ता चलाने के लिए बताया था उस गुरूमंत्र को धारण करते हुए मुख्यमंत्री ने सरकार चलाने का विजन बनाया और उसी विजन को वह आगे बढाते हुए चल रहे हैं और आज राज्य के अन्दर हर तरफ मुख्यमंत्री को एक धाकड मुख्यमंत्री के रूप मे देखा जा रहा है तो राज्य की जनता यह कहने से पीछे नहीं हट रही कि देश के प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड को पुष्कर सिंह धामी के रूप मे वो नायाब हीरा दिया है जो उत्तराखण्ड को विकास की एक नई उडान पर तेजी के साथ ले जा रहे हैं और उन पर तीन साल के कार्यकाल मे कोई भी एक दाग नहीं लगा पाया है। प्रधानमंत्री की राजनीतिक पाठशाला में हमेशा अव्वल आने वाले मुख्यमंत्री की झोली मे मोदी टीम बडी-बडी विकास योजनायें तोहफे के रूप में दे रही हैं और उसी के चलते राज्य में विकास का चेहरा गुलजार होता हुआ नजर आ रहा है।
उत्तराखण्ड की जनता ने तेइस सालों में भाजपा और कांग्रेेस के पूर्व मुख्यमंत्रियों का कार्यकाल देखा और उन्हें हमेशा यह देखकर हैरानी होती थी कि हर पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के लिए बार-बार कर्ज मांगा और उनकी मांग भी उस तरह से पूरी नहीं होती थी जैसे होनी चाहिए थी? उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पहले ऐसे राजनेता बन गये हैं जिन्होंने मोदी टीम से कोई भी मांग की तो उनकी मुरादों को पंख लगाकर उसे मुख्यमंत्री की झोली में डाला जा रहा है। सबसे अह्म बात यह है कि धामी ने राज्यहित में मोदी टीम से विकास को लेकर जो भी मांग की वह आनन-फानन में पूरी होती चली गई। मुख्यमंत्री के कार्यकाल में उत्तराखण्ड के अन्दर रेल से लेकर हवाई सेवाओं का जो बडा विस्तार मात्र तीन साल के भीतर हुआ है उसे देखकर उत्तराखण्ड की जनता भी यह मान चुकी है कि मोदी टीम को पुष्कर सिंह धामी पर अभेद विश्वास है कि वह स्वच्छ राजनीति करते हुए उत्तराखण्ड को नई दिशा में ले जाकर उसे देश के अग्रणीय राज्यों में लाकर खडा कर देंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने सत्ता चलाने के लिए सरकार को बेदाग होने का संदेश दिया था और साफ कहा था कि अगर किसी ने भी भ्रष्टाचार या घोटाला करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त रूख अपनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने अपने शासनकाल में बेदाग होकर सत्ता चलाने का जो पैमाना तय कर रखा है वह मोदी टीम को खूब रास आ रहा है। सबसे आश्चर्यचकित बात यह है कि भाजपा के सभी पूर्व मुख्यमंत्री दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिलने के लिए अपनी अर्जी लगाते थे लेकिन अधिकांश बार उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने का समय तक नहीं मिल पाता था। वहीं राज्य की कमान संभालने वाले युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा हाईकमान जेपी नड्डा को जब भी अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड दिखाया तो वह रिपोर्ट कार्ड टॉप पर ही दिखाई दिया जिसके चलते देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री को विकास की बडी-बडी योजनायें देने के लिए अपने कदम आगे बढ़ाये तो वहीं मोदी टीम ने उत्तराखण्ड में रेल सेवाओं के विस्तार और हैली सेवाओं को हर तरफ बुलंदियों पर लाकर खडा करने का जो मिशन शुरू किया हुआ है। उत्तराखण्ड के अन्दर आज मुख्यमंत्री आवाम की पहली पसंद बन चुके हैं।

